Tomato Cultivation Tips: आज के वक्त में लोगों को अपने घर में सब्जियां उगाने का शौक है. अगर आप ङी घर की छत या बालकनी में सब्जियां उगाने का शौक रखते हैं तो टमाटर आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. घर में टमाटर का पौधा गमले में आसानी से उगाया जा सकता है. टमाटर का पौधा लगाते वक्त कई लोग गमले के साइज को नजरअंदाज कर देते हैं. यही गलती बाद में पौधे की बढ़त पर असर डाल सकती है.
आपको बता दें कि टमाटर की जड़ें मिट्टी के अंदर अच्छी तरह फैलती हैं. इसलिए उन्हें फैलने की अच्छी जगह चाहिए. यही वजह है कि इसके लिए सही गमला चुनने जरूरी है. इसके साथ ही मिट्टी का मिश्रण, धूप, पानी और पौधे को सहारा देना भी जरूरी है. अगर आप घर पर पहली बार टमाटर उगाने जा रहे हैं तो जान लें इसके लिए आपको कितना गहरा गमला लेना होगा.
टमाटर के लिए कितना गहरा गमला सही?
घर पर टमाटर उगाने के लिए 12 से 18 इंच गहरा गमला लेना सही रहेगा. इसकी चौड़ाई की बात करें तो करीब 14 से 18 इंच होनी चाहिए जिससे जड़ों को फैलने की अच्छी जगह मिल जाती है. अगर आप ऐसी किस्म लगा रहे हैं जिसका पौधा ज्यादा बड़ा होता है तो उससे बड़ा गमला चुन सकते हैं. गमले की गहराई कम होने पर जड़ों को नीचे फैलने में दिक्कत आ सकती है और पौधे की बढ़त प्रभावित हो सकती है.
यह भी ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी बाहर जाने के लिए सही छेद होने चाहिए. पानी लंबे समय तक जमा रहने से जड़ें खराब हो सकती हैं. मिट्टी भरते समय गमले को पूरा ऊपर तक न भरें. ऊपर करीब 2 से 3 इंच जगह छोड़ दें ताकि पानी देते समय मिट्टी बाहर न निकले. बीज से पौधा तैयार कर रहे हैं तो पहले छोटे कंटेनर में पौधा तैयार करें और जब वह मजबूत हो जाए तो बड़े गमले में शिफ्ट कर दें.

गमले में ऐसी मिट्टी डालें
टमाटर की खेती में गमला चुनने के बाद अगला काम मिट्टी तैयार करना है. सिर्फ खेत की सामान्य मिट्टी डालकर पौधा लगाने से वैसे टमाटर नहीं मिलेंगे जैसा अच्छी मिट्टी के मिश्रण से मिल सकते हैं. गमले के लिए मिट्टी को हल्का और भुरभुरा रखना अच्छा रहता है. इसके लिए सामान्य मिट्टी में अच्छी तरह तैयार गोबर की खाद या कंपोस्ट मिला सकते हैं. इसमें थोड़ी कोकोपीट मिलाने से मिट्टी ज्यादा भारी नहीं रहती और पानी भी कुछ समय तक बना रहता है.
इस बात का ध्यान रखें कि मिट्टी ज्यादा चिपकने वाली न हो. टमाटर की जड़ों के लिए मिट्टी में हवा का आना-जाना भी जरूरी है. पौधा गमले में लगाते समय जड़ों को ज्यादा दबाने की जरूरत नहीं है. हल्के हाथ से मिट्टी जमाएं और उसके बाद पानी दें. पौधे के बढ़ने के साथ ऊपर से कंपोस्ट की थोड़ी परत भी डाली जा सकती है. इससे पौधे को लंबे समय तक पोषण मिलता रहेगा.

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अच्छी धूप और पानी से मिलेंगे ज्यादा टमाटर
आपने सही गमला ले लिया मगर पौधे को सही मात्रा में धूप नहीं दी गई तो टमाटर की बढ़त धीमी पड़ सकती है. इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोज करीब 6 से 8 घंटे सीधी धूप मिल सके. बालकनी या छत पर गमला रखते समय यह भी देखें कि आसपास की दीवार या दूसरी चीजों से पौधे पर लगातार छाया न पड़े. ऊपर की मिट्टी सूखी लगे तो पानी दें और इतना पानी डालें कि नीचे के छेद से थोड़ा पानी बाहर आ जाए.
गर्म मौसम में पानी जल्दी सूख सकता है. इसलिए मिट्टी पर नजर रखें. वहीं बारिश के दिनों में बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं होती. पौधा बड़ा होने लगे तो उसके पास लकड़ी का सहारा लगा दें. इससे तना फल आने के बाद वजन संभाल पाएगा. खराब पत्तियों को हटा दिया करें और जरूरत के हिसाब से कंपोस्ट देते रहें. इसके बाद कुछ ही समय में आपको गमले में लाल टमाटर खिलते नजर आएंगे.
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