Agriculture

अर्नब तूफान की चपेट में ये राज्य, कृषि व्यापार पर कितना पड़ेगा असर?

N
ABP News
October 27, 2026•3 min read
अर्नब तूफान की चपेट में ये राज्य, कृषि व्यापार पर कितना पड़ेगा असर?

Cyclone Arnab Impact: चक्रवाती तूफान अर्नब ने किसानों के साक-साथ कृषि कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है. तेज हवाओं और भारी बारिश अगर खेतों में पहुंचती है, तो खड़ी फसलों को काफी नुकसान हो सकता है. वहीं मंडियों तक सब्जियां, फल और अनाज पहुंचाने में भी काफी परेशानी आ सकती है

इसका असर किसानों की कमाई के साथ ही बाजार में कृषि उत्पादों की सप्लाई पर नजर आ सकता है. ऐसे में समझना जरूरी है कि, तूफान से खेती, पशुपालन और कृषि व्यापार किस तरह प्रभावित हो सकते हैं.

किन राज्यों में दिखेगा अर्नब तूफान का असर?

मौसम विभाग के मुताबिक, अर्नब तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराने की आशंका है. इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. आंध्र प्रदेश के अलावा ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का खतरा है. आगे चलकर झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है. हालांकि, सभी राज्यों में तूफान का असर एक जैसा नहीं होगा.

धान की फसल को कितना नुकसान हो सकता है?

इस समय कई इलाकों में धान की कटाई चल रही है. ऐसे में तेज हवा और बारिश से तैयार धान की फसल गिर सकती है. खेतों में पानी भरने से कटाई मुश्किल होगी. अगर कटा हुआ धान खुले में रखा है, तो उसके भीगने से क्वालिटी खराब हो सकती है. इससे किसानों को मंडी में कम भाव मिलने का खतरा रहेगा.

यह भी पढ़ें: देश के कई राज्यों में चक्रवाती तूफान का खतरा, ऐसे में क्या करें किसान?

सब्जियों और फलों की सप्लाई पर पड़ेगा असर

तूफान का असर सब्जियों और फलों के कारोबार पर भी पड़ सकता है. भारी बारिश से खेतों में पानी भरने पर टमाटर, भिंडी और दूसरी सब्जियों की फसल खराब होने का खतरा रहेगा. वहीं, सड़कें बंद होने या परिवहन में देरी से किसानों की उपज समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पाएगी. इससे कुछ बाजारों में सब्जियों की आवक घट सकती है और कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है.

मछली कारोबार के सामने भी चुनौती

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में सरकार ने मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर के बीच समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. इससे मछली पकड़ने और उसकी सप्लाई पर अस्थायी असर पड़ सकता है. ऐसे में मछली पकड़ने का कारोबार प्रभावित होने की आशंका है.

रबी की बुवाई में हो सकती है देरी

धान की कटाई के बाद किसान गेहूं, चना और सरसों की बुवाई की तैयारी करते हैं. लेकिन भारी बारिश से खेत ज्यादा गीले हो गए, तो जुताई और बुवाई में देरी हो सकती है. किसानों को सलाह है कि, बारिश की चेतावनी के दौरान कटाई से बचें. तैयार उपज को सुरक्षित और सूखी जगह रखें. खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें और मौसम विभाग की ताजा चेतावनी देखकर ही खेती से जुड़े काम करें.

यह भी पढ़ें: किसानों को 6 लाख तक लोन, ब्याज सिर्फ 6%! जानें कैसे मिलेगा फायदा

Topics & Tags:#Agriculture
अर्नब तूफान की चपेट में ये राज्य, कृषि व्यापार पर कितना पड़ेगा असर? | Kisan Reporter