Animal Husbandry: गाय-भैंस पालने वाले किसानों के लिए उनके पशु किसी कमाई के साधन से कम नहीं होते. ऐसे में जब कोई पशु बीमार पड़ जाता है, तो पशुपालक की चिंता बढ़ जाती है. एक तरफ इलाज का खर्च होता है तो दूसरी तरफ दूध कम होने से कमाई घटने का डर भी रहता है. गांवों में रहने वाले कई पशुपालकों के लिए परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब पशु अस्पताल दूर हो और बीमार गाय-भैंस को वहां ले जाना आसान न हो. ऐसे में उत्तर प्रदेश में चल रही मोबाइल वेटरनरी यूनिट यानी चलती-फिरती पशु चिकित्सा सेवा मददगार हो सकती है.
अगर आपकी गाय, भैंस या कोई दूसरा पशु बीमार पड़ गया है या किसी हादसे में घायल हो गया है, तो आप 1962 नंबर पर फोन करके मदद मांग सकते हैं. इस नंबर पर फोन करने से आपको पशु के इलाज से जुड़ी जरूरी जानकारी और डॉक्टर से फोन पर सलाह मिल सकती है. जरूरत पड़ने पर पशु की जांच और इलाज के लिए आगे की व्यवस्था भी करनी होगी.
गांवों तक पहुंचती हैं मोबाइल वेटरनरी यूनिट
उत्तर प्रदेश में मार्च 2023 से करीब एक लाख पशुओं पर एक मोबाइल वेटरनरी यूनिट के हिसाब से वाहन चलाए जा रहे हैं. इन गाड़ियों के जरिए पशु चिकित्सा सेवाएं गांवों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. मोबाइल यूनिट सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम करती हैं, जबकि 1962 का कॉल सेंटर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहता है. इसके अलावा सेवा संकल्प अभियान के तहत हर दिन दो गांवों में पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाते हैं. इन शिविरों में पशुओं की जांच, इलाज और टीकाकरण जैसी सुविधाएं दी जाती हैं.
इलाज के साथ टीकाकरण और गर्भ जांच की सुविधा
मोबाइल वेटरनरी यूनिट के जरिए पशुओं की बीमारी की जांच और जरूरत के हिसाब से दवाएं दी जा सकती हैं. कुछ मामलों में छोटी सर्जरी की सुविधा भी मिलती है. इसके अलावा खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू और लंगड़ा बुखार जैसी बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाता है.पशुओं को पेट के कीड़ों से बचाने की दवाएं, कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ की जांच और बांझपन से जुड़ी समस्याओं में भी मदद मिल सकती है. पशुपालकों को पशुओं के खानपान, देखभाल और बीमारियों से बचाव के बारे में सलाह भी दी जाती है.
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1962 पर फोन करते समय क्या बताएं?
कॉल करते समय पशु की प्रजाति, बीमारी के लक्षण और अपने गांव का सही पता बताएं. अगर पशु ने खाना छोड़ दिया है, उसे सांस लेने में परेशानी हो रही है या वह खड़ा नहीं हो पा रहा है, तो यह बात जरूर बताएं. इससे समस्या की गंभीरता समझने में मदद मिलेगी.
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