Agriculture

एक एकड़ मक्का देगा कितना मुनाफा? जानें पूरा हिसाब

N
ABP News
August 25, 20264 min read
एक एकड़ मक्का देगा कितना मुनाफा? जानें पूरा हिसाब

आज के वक्त में धान और गेहूं की खेती में ज्यादा मार्जिन नहीं मिल पा रहा है. इसलिए अब किसान इन फसलों से हटकर उन फसलों की तरफ रुख कर रहे हैं. जो कम समय में अच्छा रिटर्न दे सकें. और इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम आता है मक्के का. मुर्गी दाना यानी पोल्ट्री फीड, स्टार्च इंडस्ट्री और अब पेट्रोल में मिलाने वाले एथेनॉल के बढ़ते इस्तेमाल ने मक्के की मांग को बाजार में कई गुना बढ़ा दिया है. यही वजह है कि आज मक्का सिर्फ चारा या भुट्टा नहीं.

बल्कि किसानों के लिए एक बेहतरीन कमाई वाली फसल बन चुकी है. सबसे अच्छी बात यह है कि मक्के की फसल लगभग 90 से 110 दिनों में पककर पूरी तरह तैयार हो जाती है. लेकिन अगर कोई किसान इस खेती को पहली बार ट्राई कर रहा है तो उसके मन में सीधा सवाल आता है कि एक एकड़ में कुल कितनी लागत आएगी और पैदावार कितनी निकलेगी और फिर जेब में मुनाफा कितना बचेगा? चलिए आपको विस्तार से बताते हैं इन सभी सवालों के जवाब.

खेत की तैयारी से लेकर कटाई तक का खर्च

एक एकड़ में मक्के की खेती शुरू करने के लिए सबसे पहले खेत की अच्छी जुताई जरूरी है, जिसमें कल्टीवेटर और रोटावेटर का खर्च करीब 2500 से 3000 रुपये आता है. इसके बाद बारी आती है अच्छी कंपनी के हाइब्रिड बीजों की जिसका 7 से 8 किलो का पैकेट लगभग 2500 से 3500 रुपये में पड़ता है. बुवाई के बाद डीएपी, यूरिया, पोटाश और जिंक जैसी खादों पर करीब 3500 से 4000 रुपये खर्च होते हैं.

मक्के में फॉल आर्मीवर्म जैसे कीटों से बचाव के लिए कीटनाशक और खरपतवार नाशक दवाओं पर 1500 से 2000 रुपये लग जाते हैं. फसल चक्र के दौरान 3 से 4 हल्की सिंचाइयों और लेबर के खर्च को जोड़ लें तो 3000 रुपये और जुड़ते हैं. आखिर में थ्रेशर से कटाई और दाना निकालने का खर्च 3000 रुपये मान लीजिए. यानी कुल मिलाकर एक एकड़ में बुवाई से कटाई तक लगभग 16000 से 18500 रुपये की कुल लागत बैठती है.


मंडी में कितना मिलता है भाव?

अगर आपने सही समय पर बुवाई की है उन्नत किस्म का हाइब्रिड बीज चुना है और देखरेख ठीक रखी है तो एक एकड़ खेत से औसतन 30 से 38 क्विंटल तक सूखा मक्का आराम से निकल आता है. अगर किसान को मक्के की फसल का पहले से अनुभव है तो वह किसान अच्छी तकनीक से 40 क्विंटल तक पैदावार ले लेते हैं. अब बात करते हैं मंडी के भाव की. मौजूदा समय में मक्के की भारी इंडस्ट्रियल डिमांड के चलते बाजार में इसका थोक भाव औसतन 2100 से लेकर 2400 रुपये प्रति क्विंटल तक आसानी से मिल जाता है.

अगर हम एक सुरक्षित औसत 32 क्विंटल पैदावार और 2200 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मानकर चलें. तो एक एकड़ फसल से किसान की कुल कमाई लगभग 70400 रुपये बैठती है. इसके अलावा मक्के का सूखा डंठल भी पशु चारे के तौर पर 4000 से 5000 रुपये में अलग से बिक जाता है.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में ही सबसे ज्यादा प्याज क्यों उगता है, यहां की मिट्टी कितनी खास?

जेब में कितना मुनाफा आएगा?

अब बात करते हैं इससे होने वाले मुनाफे की तो उसके लिए कुल कमाई में से जब हम खेती की लागत घटाते हैं. यानी 70400 रुपये की मक्का बिक्री और 4000 रुपये चारे की कमाई जोड़ लें तो कुल रकम 74400 रुपये बनती है. इसमें से अगर हम 18500 रुपये की अधिकतम लागत घटा दें तो महज 100 दिनों के भीतर किसान को प्रति एकड़ करीब 55000 से 56000 रुपये का सीधा मुनाफा हाथ में बचता है.


जो किसान शहरों के नजदीक रहते हैं वे दाने की जगह स्वीट कॉर्न या बेबी कॉर्न उगाकर यही मुनाफा 80000 रुपये प्रति एकड़ के पार ले जा रहे हैं क्योंकि भुट्टे की तुड़ाई 70 दिनों में ही हो जाती है. कम पान कम मेहनत और तय मार्केट डिमांड के दम पर मक्का आज के वक्त में कम रिस्क वाला सबसे बढ़िया मुनाफेदार फसल साबित हो रही है.

यह भी पढ़ें: कृषि मशीन पर सब्सिडी चाहिए? आवेदन से पहले जान लें कौन-कौन से कागज लगेंगे

Topics & Tags:#Agriculture
एक एकड़ मक्का देगा कितना मुनाफा? जानें पूरा हिसाब | Kisan Reporter