Soyabean Farming Tips: देश में बहुत से किसान सोयाबीन की खेती करते हैं. अक्सर देखा गया है कि सोयाबीन की पत्तियां पीली पड़ जाती है. जिससे किसान परेशान हो जाते हैं बारिश के मौसम में ऐसा अक्सर देखने को मिलता है जहां कुछ पत्तियां हरी रहती है तो वहीं कुछ पीली हो जाती हैं. ऐसे में किसान सोचते हैं कि फसल पर बीमारी ने अटैक कर दिया है और वह दवा स्प्रे करने लग जाते हैं. आपको बता दें पत्तियों का पीला पड़ जाना हर बार बीमारी नहीं होता.
कई बार खेत में ज्यादा पानी इकट्ठा होने से ऐसा हो जाता है. तो कई बार फसल में पोषक तत्वों की कमी के चलते ऐसा होता है. वहीं खेत में बार-बार एक ही फसल की खेती और मिट्टी में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी भी इसका एक कारण हो सकती है. पहले आपको यह देखना है यह दिक्कत पूरे खेत में है या फिर खेत के कुछ हिस्से में है उसी हिसाब से आगे इलाज करना बेहतर रहता है.
पहले पीलेपन की वजह पता करें
अगर आपके खेत में लगी सोयाबीन की पत्तियां पीली पड़ती जा रही है. तो पहले आपको यह चेक करना है कि नीचे वाली पुरानी पत्तियां पीली पड़ रही है या बाद में ऊपर की पत्तियां भी पीली हो रही है. अगर ऐसा है तो फिर नाइट्रोजन की कमी इसका कारण हो सकती है. इसके अलावा अगर नई पत्तियां ज्यादा पीली दिख रही है तो फिर आयरन और सल्फर की कमी इसकी वजह हो सकती है.
अगर आप खेत में लंबे समय से सोयाबीन और गेहूं की खेती किए जा रहे हैं. तो ऐसे में मिट्टी के लिए जरूरी पोषक तत्वों का बैलेंस खराब हो सकता है. वही आप जरूरत से ज्यादा डीएपी और बहुत काम जैविक खाद इस्तेमाल करते हैं उसका भी असर पड़ता है. ऐसे में पहले आपको मिट्टी की जांच करानी चाहिए और पता करना चाहिए किन-किन पोषक तत्वों की कमी है उसी हिसाब से आगे इलाज करना चाहिए.

खेत में पानी जमा है तो पहले उसे निकालें
बारिश के दिनों में सोयाबीन के खेत में पानी जमा होना भी पत्तियों के पीले होने की बड़ी वजह बन सकता है. मिट्टी में बहुत देर तक पानी भरे रहने से जड़ों को सही से ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है. और इसके चलते पौधे मिट्टी से जरूरी न्यूट्रिएंट्स नहीं ले पाते हैं. इस वजह से भी पत्तियों का कलर पीला हो जाता है. अगर ऐसा है तो पहले खेत में जो एक्स्ट्रा पानी भर गया है उसे बाहर निकाल दें.
और जहां-जहां पानी भरता है उन जगहों को ठीक कर लें ताकि आगे पानी ना भरे. अगर सिर्फ और जहां पानी भरा है वहां की पत्तियां पीली है तो समझ जाए ज्यादा पानी की वजह से दिक्कत हो रही है. ऐसे में अगर आप वाटर ड्रेनेज की दिक्कत को सही कर लेंगे तो फिर यह दिक्कत भी ठीक हो जाएगी.

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न्यूट्रिएंट्स की कमी है तो जांच के बाद करें ट्रीटमेंट
सोयाबीन की पत्तियां किस वजह से पीली है अगर यह पहले पता कर लिया जाए तो आगे इलाज करने में आसानी होती है.एक्सपर्ट्स के मुताबिक नाइट्रोजन की कमी के लक्षण दिखने पर 2 प्रतिशत यूरिया सॉल्यूशन का पत्तियों पर स्प्रे किया जा सकता है. वहीं आयरन की कमी होने पर फेरस सल्फेट का इस्तेमाल किया जाता है. कई बार नई पत्तियां पीली दिखाई देती हैं लेकिन उनकी नसें हरी रहती हैं. यह भी आयरन की कमी की वजह से हो सकता है.
हालांकि यहां सिर्फ पत्तियों का कलर देखकर ही कोई काम न करें. बारिश कैसी है और मिट्टी में नमी भी चेक करनी चाहिए. अगर पत्तियों पर पीले और हरे रंग के अलग-अलग पैच नजर आ रहे हैं. पत्तियां मुड़ने लगी हैं और पौधे की ग्रोथ कमजोर दिख रही है तो येलो मोजेक वायरस का हमला भी हो सकता है. इस बीमारी को फैलाने में सफेद मक्खी अहम भूमिका निभाती है. इसलिए पीलापन दिखते ही कोई भी दवा स्प्रे करने से पहले सही वजह पता कर लें.
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