खेती में अगर किसान सही वक्त पर सही फसल चुन लें तो छोटी जमीन से भी अच्छी कमाई की जा सकती है. पारंपरिक फसलों के मुकाबले कई सब्जियां कम समय में तैयार हो जाती हैं. इससे किसानों को फसल बेचने के लिए बहुत लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता. हालांकि बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी जैसे खर्च के लिए पहले से पैसा लगाना पड़ता है. अब सब्जी उगाने वाले किसानों को इसी खर्च में सरकार की तरफ से मदद दी जाएगी.
उत्तर प्रदेश में सब्जी की खेती को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर मॉडल पर फोकस किया जा रहा है. इसमें एक ही इलाके के कई किसानों को जोड़कर बड़े एरिया में सब्जियों की खेती कराई जाएगी. इससे एक साथ ज्यादा उत्पादन मिलने के साथ फसल को बाजार तक पहुंचाना भी आसान हो सकता है. योजना के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं. आप भी सब्जी की खेती करते हैं तो जान लें इसका फायदा कैसे मिलेगा.
प्रति हेक्टेयर किसानों को मिलेंगे 20 हजार रुपये
किसानों के लिए यह पहल उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में उद्यान विभाग की तरफ से शुरू की गई है. इसके तहत किसानों को क्लस्टर बनाकर सब्जियों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. एक क्लस्टर करीब 10 हेक्टेयर एरिया में बनाया जाएगा. इसमें किसान अपनी जमीन पर अलग-अलग सब्जियों की खेती कर सकेंगे. योजना के तहत चुने गए किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा.
इस रकम से किसानों को बीज समेत खेती की शुरुआती जरूरतों पर होने वाले खर्च में कुछ राहत मिल सकती है. क्लस्टर में खेती का एक फायदा यह भी है कि आसपास के किसान एक साथ सब्जियों का उत्पादन कर सकेंगे. इससे बड़ी मात्रा में फसल तैयार होगी और उसे बाजार तक पहुंचाना आसान हो सकता है. किसान मिलकर अपनी उपज बेचते हैं तो बड़े खरीदारों तक पहुंचने का मौका भी बढ़ सकता है.

किन सब्जियों की कर सकेंगे खेती?
इस पहल के तहत किसानों को अलग-अलग सब्जियों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इनमें फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, बैंगन के साथ लौकी, तोरी और खीरा जैसी बेल वाली सब्जियां शामिल हो सकती हैं. किसान अपने इलाके के मौसम और बाजार की डिमांड को ध्यान में रखकर फसल चुन सकते हैं.
सब्जियों की खास बात यह है कि इनमें कई फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं. इसलिए किसान सही प्लानिंग के साथ एक सीजन में फसल तैयार करके बाजार तक पहुंचा सकते हैं. क्लस्टर में खेती करने से आसपास के किसानों को एक साथ उत्पादन करने का मौका मिलेगा. योजना में शामिल होने से पहले किसान को यह जरूर पता कर लेना चाहिए कि उसके इलाके में कौन सी सब्जी के लिए क्लस्टर बनाया जा रहा है और उसके लिए क्या शर्तें रखी गई हैं.
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ऐसे उठा सकते हैं योजना का फायदा
योजना का फायदा लेने के लिए किसान फर्रुखाबाद के उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं. वहां से पता किया जा सकता है कि किन इलाकों में क्लस्टर बनाए जा रहे हैं और आवेदन के लिए किन कागजात की जरूरत होगी. आवेदन करने से पहले आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और जमीन से जुड़े कागजात तैयार रखना बेहतर रहेगा. इससे आवेदन के दौरान जरूरी दस्तावेज जुटाने में परेशानी नहीं होगी.

ध्यान रखें कि योजना का फायदा विभाग की तरफ से तय पात्रता और चयन के आधार पर मिलेगा. इसलिए सिर्फ खेती शुरू कर देने से अनुदान मिलना तय नहीं है. पहले विभाग से योजना की पूरी जानकारी लेकर आवेदन करना बेहतर रहेगा. अगर किसान पहले से सब्जियां उगा रहे हैं तो वे भी अपने जिले के उद्यान विभाग से संपर्क करके पता कर सकते हैं कि वे इस योजना के लिए पात्र हैं या नहीं. सही समय पर आवेदन करने से सरकारी मदद का फायदा मिलने का मौका बना रहेगा.
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