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#बिल_को_जानो: नए बिल से पहले आया था ‘मॉडल’ APMC एक्ट, पर किसान कि चिंता है किसे !

 #बिल_को_जानो: नए बिल से पहले आया था ‘मॉडल’ APMC एक्ट, पर किसान कि चिंता है किसे !

नई दिल्ली: ऐसा नहीं है कि एपीएमसी(APMC) मंडियों में किसानों की हालत को लेकर पहली बार चर्चा हो रही है. इससे पहले भी सालों से इस मुद्दे पर बात हो रही है. यही कारण है कि किसानों के भले की बात करते हुए मॉडल एपीएमसी एक्ट-2003 का प्रावधान किया गया था. इसके तहत किसानों को तमाम स्वतंत्रता देने की पहल की गई थी. लेकिन, अफसोस की देश के ज्यादातर राज्यों ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया.

इस एक्ट के तहत तमाम सुविधाओं को प्रावधान था:

  • फसलों को सीधे कांट्रैक्ट स्पांसर्स को बेचेने का अधिकार था किसानों को
  • फसल विशेष के लिए स्पेशल मार्केट बनाने का प्रावधान
  • किसान, निजी व्यक्ति या उपभोक्ता किसी इलाके में नया मार्केट बना सकता है
  • मार्केट फीस के नाम पर सिर्फ एक लेवी देने की व्यवस्था
  • लाइसेंस के बजाए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था जिससे एक या अलग मार्केट में किसान आ-जा सके
  • किसान सीधे अपनी फसल उपभोक्ता को बेच सके इसकी आजादी
  • एपीएमसी ने जो रेवेन्यू हासिल किया है उससे मूलभूत सुविधाओं का निर्माण

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