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आवश्यक वस्तु अधिनियम में बड़ा बदलाव, जानिए क्या होगा इसका असर

 आवश्यक वस्तु अधिनियम में बड़ा बदलाव, जानिए क्या होगा इसका असर

नई दिल्ली: आवश्यक वस्तु अधिनियम 2020 के साथ ही 65 साल से चली आ रही परंपरा को देश में विराम मिल गया है. इस नए अधिनियम के लागू होने के बाद से आलू, प्याज, टमाटर के साथ दलहन औऱ तिलहन की भंडारण की सीमा को हटा लिया गया है. पहले एक निर्धारिक मात्रा से ज्यादा सामान रखने पर जुर्माना या जेल का प्रावधान है. 22 सितंबर को आवश्यक वस्तु अधिनियम 2020 राज्यसभा में पास हुआ और 27 सितंबर को राष्ट्रपति ने इसपर मुहर लगा दी.

इससे पहले 1955 में इस अधिनियम को लागू किया गया था

इससे पहले 1955 में इस अधिनियम को लागू किया गया था. इसके तहत तमाम वस्तुओं को जमाखोरी से बचाने के लिए प्रावधान किए गए थे. लेकिन, अब इस पर किसी का नियंत्रण नहीं होगा. हालांकि, इसे लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं और महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है. साथ ही एक वर्ग का यह भी मानना है कि यह किसानों औऱ आम लोगों के लिए बेहतर है क्योंकि इससे पहले किसानों को ज्यादा उत्पादन की स्थिति में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.

समय-समय पर इस लिस्ट में बदलाव किया जाता है

गौरतलब है कि आवश्यक वस्तुओं की लिस्ट में डीजल-पेट्रोल से लेकर चावल, चीनी, दवाएं, गेहूं और तमाम रासायनिक पदार्थ शामिलल होते हैं. समय-समय पर इस लिस्ट में बदलाव किया जाता है. हर सामान की अलग-अलग स्तर पर भंडारण करने की मात्रा तय कर दी जाती है. उससे ज्यादा सामान रखने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है. बहरहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तो जारी है लेकिन यह समय ही बताएगा कि इसका कितना लाभ किसको हो रहा है.

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