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फिर मिली किसानों को “तारीख”, अब 30 दिसंबर को बातचीत

 फिर मिली किसानों को “तारीख”, अब 30 दिसंबर को बातचीत

नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों पर सरकार और किसान यूनियनों की टकरार बरकरार है. कड़ाके की ठंड में किसान दिल्ली के आसपास जमें हुए हैं लेकिन सरकार की ओर से उन्हें सिर्फ “तारीख” ही मिल रही है. अभी तक कोई प्रभावी नतीजा सरकार की ओर से नहीं निकाला गया है. 30 दिसंबर को फिर से सरकार ने यूनियन नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है.

एक तरफ सरकार किसानों की हिमायती बन रही है जबकि उसी के मंत्री आंदोलन कर रहे किसानों को “झूठा” करार दे रही है. इसबीच सरकार मुख्य किसान संगठनों को बातचीत लिए फिर से बुलाया है. इससे पहले भी 6 दौर की बातचीत हो चुकी है. गौरतलब है कि पिछले करीब एक माह से किसान दिल्ली की सीमा पर आंदोलन कर रहे हैं.

सरकार की ओर से कहा गया है कि इस बैठक में तीनों नए कानूनों के साथ एमएसपी की खरीद व्यवस्था पर बातचीत होगी. साथ ही एनसीआऱ और आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण को लेकर भी चर्चा की जाएगी. किसानों ने अपना पक्ष साफ रखा है कि तीनों नए कानून किसानों के विरोध में हैं और इससे सिर्फ कार्पोरेट को ही फायदा होगा.

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