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किसानों के हितों पर बड़ा हमला, उर्वरकों की बढ़ी कीमतों ने बढ़ाई अन्नदाता की बेचैनी

 किसानों के हितों पर बड़ा हमला, उर्वरकों की बढ़ी कीमतों ने बढ़ाई अन्नदाता की बेचैनी

नई दिल्ली: एक तरफ जहां कृषि बिलों को लेकर किसान संगठनों और सरकार में ठनी हुई है वहीं अब एक और मुसीबत किसानों पर टूट पड़ी है. उर्वरकों को दाम अचानक बढ़ गए हैं और यह तेजी छोटी मोटी नहीं बल्कि 45 प्रतिशत से 58 प्रतिशत तक कर दी गई है. आप ऐसे समझ सकते हैं कि डीएपी के 50 किलो के कट्टे का दाम 1200 रुपए से बढ़ाकर 1900 रुपए कर दिया गया है.

पहले से ही परेशान देश के किसान के लिए यह सूचना किसी बुरी खबर से कम नहीं है. इस पर विवाद होने के बाद उर्वरक बनाने वाले संगठन इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) ने सफाई दी है. संगठन का कहना है कि यह दाम अस्थाई हैं साथ ही अभी पुराने स्टॉक को पुराने रेट में भी दिया जाएगा. साथ ही यह भी सूचना है कि पुराने स्टॉक की कालाबाजारी इससे शुरू हो जाएगी.

उर्वरकों की कीमतों में इजाफे की जानकारी 7 अप्रैल को हुई जब इफको के मार्केटिंग डायरेक्ट योगेंद्र कुमार की ओर से स्टेट मार्केटिंग मैनेजरों को पत्र भेजा गया. इसमें लिखा था कि डीएपी के अलावा चार अन्य उर्वरकों की कीमतें बढ़ायी गई हैं. एनपीके (10:26:26) की कीमत 1175 रुपये बढ़कर 1775 रुपये, एनपीके (12:32:16) की कीमत 1185 रुपये से बढ़कर 1800 रुपये, एनपीएस (20:20:0:13) की कीमत 925 रुपये से बढ़कर 1350 रुपये और एनपीके (15:15:15) की कीमत 1500 रुपये प्रति बैग तय की गई है.

माना जा रहा है कि उर्वरकों की कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है. इसे लेकर अब राजनीति भी शुरू हो गई है.

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