fbpx

सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने कृषि कानूनों पर मांगे सुझाव, 20 फरवरी तक आप भी भेजें संदेश

 सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने कृषि कानूनों पर मांगे सुझाव, 20 फरवरी तक आप भी भेजें संदेश

टेंट में आराम

नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच सुनावई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने एक विशेष कमेटी का गठन किया था. अब इस कमेटी ने देश की जनता से कृषि कानूनों पर सुझाव और मत मांगे हैं. 20 फरवरी तक लोगों से जवाब मांगे गए हैं.

कमेटी को कृषि कानूनों को लेकर रिपोर्ट सौंपनी है. केंद्र के इन तीन कानूनों को लेकर किसान यूनियनें विरोध कर रही हैं. इसी बाबत कमेटी ने अखबार में विज्ञापन जारी कर सुझाव मांगे हैं. यह सुझाव किसान यूनियनों और कृषि से जुड़े लोगों से मांगे गए हैं. साथ ही इसमें आम आदमी भी हिस्सा ले सकता है.

विज्ञापन में अनुसार www.farmer.gov.in/sccommittee पोर्टल पर सुझाव दिए जा सकते हैं. या फिर sc.committee-agri@gov.in पर ईमेल किया जा सकता है. याद रहे सुझाव 20 फरवरी 2021 तक दिए जा सकते हैं. कमेटी के तीनों सदस्यों के नाम इसमें लिखे हैं, प्रमोद जोशी, अशोक गुलाटी और अनिल घणवत.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यों की कमेटी बनाई थी लेकिन भूपिंदर सिंह मान ने अपना नाम वापस ले लिया था. इससे पहले किसान यूनियनों ने कमेटी के सामने पेश होने से मना कर दिया था. देश की सर्वोच्च अदालत इसी कमेटी के सुझाव पर कानूनों को लेकर अपना फैसला देगी.

ये तीनों कानून ‘कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020’ (The Farmers’ Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Act, 2020), ‘कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत अश्वासन और कृषि सेवा करार विधेयक, 2020’ (The Farmers (Empowerment and Protection) Agreement on Price Assurance and Farm Services Act, 2020) और ‘आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक, 2020’ (The Essential Commodities (Amendment) Act, 2020) हैं.

Related post