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कृषि को वैज्ञानिक तकनीक से लैस करने का लक्ष्य

 कृषि को वैज्ञानिक तकनीक से लैस करने का लक्ष्य

भारत सहित दुनिया के प्रमुख देशों में कृषि के तौर तरीकों को वैज्ञानिक तकनीकों से लैस करने का लक्ष्य दुनिया के दस देशों के सात सौ वैज्ञानिकों ने तय किया है। इस लक्ष्य का निर्धारण भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा आयोजित सब्जी विज्ञानियों के तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में किया गया। इंडियन सोसाइटी फॉर बेजिटेबल साइंस द्वारा अगला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन तीन वर्ष बाद प्रस्तावित है। स्थान और तारीख की घोषणा नहीं की गई है।

इन बिंदुओं पर करेंगे फोकस

सब्जियों के क्षेत्र में शोध कार्य को बढ़ावा देने, सब्जी उत्पादकता और उपलब्धता में वृद्धि के लिए कुछ प्रमुख बिंदुओं पर फोकस करने का निश्चय किया गया। इनमें कृषि क्षेत्र में आर्टिफीशियल इन्टेलिजेन्स एवं ड्रोन तकनीक का प्रयोग, जैविक खेती, किसान उत्पादक संगठनों का निर्माण, निजी एवं सहकारी क्षेत्रों द्वारा उद्यामिता, पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण आदि बिंदु शामिल हैं। सम्मेलन से भौतिक और आभासी माध्यम से जुड़ने वाले देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने कुल दस तकनीकी सत्रों में 30 विशिष्ट व्याख्यान दिए। दो दर्जन से अधिक रिसर्च पत्र पढ़े गए।

प्रत्येक सत्र के तीन शोध पत्रों को पुरस्कार

प्रत्येक सत्र के तीन श्रेष्ठ शोध पत्रों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। समापन सत्र की अध्यक्षता डॉ. कीर्ति सिंह ने की। उन्होंने संस्थान में हो रहे शोध कार्यों की सराहना करते हुए सम्मेलन की संस्तुतियों को मूर्तरूप देने की अनुशंसा की।

मिलकर काम करने पर बल

किसानों की आय बढ़ाने के लिए उपभोक्ता केन्द्रीत बाजार उन्मुख सब्जियों की किस्मों का विकास करने के लिए सरकारी एवं निजी संगठनों को एक साथ मिलकर काम करने पर बल दिया गया। युवाओं में कृषि के प्रति आकर्षण हेतु विश्वविद्यालय में औद्योगिक संस्थानों द्वारा छात्रों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति के माध्यम से प्रोत्साहित करने के प्रस्ताव भी आए। सब्जियों की खेती में कीट एवं रोगनाशी रसायनों के प्रयोग में कमी लाने की अनुशंसा की गई ताकि अवशेषी रसायनों के संचयन में कमी आए और वे निर्यात के मापदंडों को पूरा कर सकें।

किसानों ने साझा किए अनुभव

समापन पूर्व सत्र में वाराणसी और आसपास के चयनित किसानों ने भी सहभागिता की। ये वे किसान हैं, जिन्होंने प्राकृतिक खेती के गुजरात में हुए प्रथम शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। उस आयोजन के दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्री, गृह एवं सहकारिता मंत्री, राज्यपाल, गुजरात एवं प्रधानमंत्री द्वारा प्राकृतिक खेती के संबंध में दिए गए सुझाव साझा किए।

इनकी रही विशिष्ट उपस्थिति

डॉ. टीके बेहेरा, निदेशक, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, डॉ. डीपी. रे, पूर्व अध्यक्ष, भारतीय सब्जी विज्ञान समिति, डॉ. एचपी. सिंह, पूर्व उपमहानिदेशक (उद्यान), डॉ. केवी. पीटर, अध्यक्ष, भारतीय सब्जी विज्ञान समिति, डॉ. एसके. शर्मा, पूर्व निदेशक, डॉ. संजय सिंह, महानिदेशक, उपकार, लखनऊ, डॉ. जगदीश सिंह, डॉ. पीएम. सिंह, डॉ. केके. पाण्डेय, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. आरबी. यादव, डॉ. एसके. सिंह, डॉ. सुधाकर पाण्डेय, डॉ. आत्मानंद त्रिपाठी, डॉ. इन्द्रीवर प्रसाद, डॉ. रामेश्वर सिंह।

Source: https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/varanasi/story-the-goal-of-equipping-agriculture-with-scientific-technology-5340516.html

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