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किसानों का “काल” बन रहा कृषि कानून, संडे को तीन की मौत

 किसानों का “काल” बन रहा कृषि कानून, संडे को तीन की मौत

नई दिल्ली: देश की राजधानी के चारों तरफ किसानों का धरना प्रदर्शन चल रहा है. कई विषम परिस्थितियों के साथ ही ठंड और उसपर हुई बारिश ने मुसीबत को जानवेला बना दिया है. रविवार के अलग-अलग धरना स्थलों पर तीन अन्य किसानों की जान चली गई. इससे पहले शनिवार को एक किसान ने आत्महत्या कर के सनसनी फैला दी थी. मौतों का सिलसिला रुक ही नहीं रहा. दिल्ली-एनसीआर में बारिश ने सभी को मुश्किल में डाल दिया है.

सुबह सबसे पहले टीकरी सीमा से खबर आई

रविवार सुबह सबसे पहले टीकरी सीमा से खबर आई कि 60 साल के जगबीर सिंह ने दम तोड़ दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ठंड के कारण उनकी मौत हुई. हालांकि, कारणों की जांच की जा रही है. इधर सोनीपत के कुंडली सीमा पर धरने पर बैठे दो अन्य किसानों की मौत हो गई. उनकी पहचान कुलबीर सिंह और शमशेर सिंह के रूप में की गई है. कुलबीर, सोनीपत के ही गंगाना गांव के निवासी थे जबकि शमशेर पंजाब के संगरूर में स्थित लिदवा गांव के थे.

कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग किसान कर रहे हैं

गौरतलब है कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग किसान कर रहे हैं. पिछले करीब डेढ़ माह से अलग-अलग स्थानों से आए किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर बैठे हुए हैं. सरकार और किसान संगठनों की बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है. लेकिन, दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं और यही कारण है कि कोई नतीजा नहीं निकल पा रहा है. इधर किसानों की मौत की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.

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