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खस की खेती से भी कमा सकते हैं लाखों, अभी समझिए एक क्लिक में…

 खस की खेती से भी कमा सकते हैं लाखों, अभी समझिए एक क्लिक में…

नई दिल्ली: गर्मियों के दिन आते ही आपके कई तरह की खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ जाती है. ऐसी ही एक चीज है खस. वैसे तो खस भारत में प्राचीनकाल से मौजूद है लेकिन इसके फायदे लोग अब ज्यादा समझ रहे हैं. केरल और दक्षिण भारत में यह पहले से उगाई जाती है. इसे अंग्रेजी में वेटीवर घास (vetiver grass) कहते हैं.

दरअसल वेटीवर एक तमिल नाम है और इसी नाम से अब लोग पूरी दुनिया में इसे जानते हैं. यह घास ज्यादातर पानी के किनारे ही उगती है. वर्तमान में खस हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, बिहार, उड़ीसा, मध्यप्रदेश एवं सम्पूर्ण दक्षिणी भारत में स्वजात उगती पाई जाती है.

इस घास के लिए किसी खास तरह की मिट्टी की जरूरत नहीं होती. हां 100-200 सेंटीमीटर वार्षिक वर्षा के साथ 21 डिग्री सेंटीग्रेड से 45 डिग्री सेंटीग्रेड तक वाले क्षेत्रों में इसकी पैदावार गजब की हो सकती है. इनकी जड़ों का विशेष महत्व होता है. इसकी खेती के लिए जमीन को साफ करने के बाद गहरी जुताई की जाती है.

एक हेक्टेयर में 1.50 से 2.25 लाख गुच्छों की जरूरत होती है. रोपण के करीब एक माह बाद खाद आदि देने से जड़ों की उपज बढ़ने लगती है. इसकी कटाई 10-12 माह की आयु में कर देते हैं. साथ ही तेल निकालने योग्य इसकी जड़ें 15-18 माह में तैयार होती हैं. इसके कई इस्तेमाल हैं.

इसका इत्र, तेल, साबुन और शरबत आदि के तौर पर इस्तेमाल होता है. कई दवाओं में भी इसे डाला जाता है. साथ ही तेल निकलने के बाद इसकी जड़ों को फेंका नहीं जाता क्योंकि गर्मी के दिनों में अगर इसकी चटाई बना कर डाल दी जाए तो हवा को यह बहुत ठंडा कर देती है.

आईए जानते हैं इसके फायदे…

प्यास बुझाता है

हमने देखा है कि हम कई बार पानी पीते जाते हैं और प्यास नहीं बुझती जबकि और पानी की पेट में जगह नहीं होती. लेकिन, खस आपको इससे निजात दिलाता है.

आंखों के लालपन को कम करता है

अक्सर गर्मी के दिनों में आंखों में हल्की लाली सी रहती है. इसका कारण गर्मी ही होती है. ऐसे में खस शर्बत में पाया जाने वाला जिंक आपको स्वस्थ रखता है.

ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है

यह आयरन, मैगनीज और बी6 विटामिन से भरपूर होता है. इसमें मौजूद तत्व ब्लड सर्कुलेशन को उचित रखने में काम आते हैं.

एंटीआक्सिडेंट्स से भरपूर

इसमें अच्छी मात्रा में एंटीआक्सिडेंट्स भी पाया जाता है. यह इम्यूनिटी बढ़ाता है और नष्ट हुए टिशूज को भी ठीक करता है. इसका सेवन जरूरी है.

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