Agriculture

बेसहारा गायों को दीजिए छत, सरकार हर साल देगी 72000 रुपये

N
ABP News
October 10, 2026•3 min read
बेसहारा गायों को दीजिए छत, सरकार हर साल देगी 72000 रुपये

Government Schemes: खेत में फसल बोने के बाद रातभर उसकी रखवाली करना कई किसानों की मजबूरी बन गया है. बेसहारा गोवंश खेतों में घुसकर फसल चर जाते हैं, वहीं इन पशुओं को रखने और खिलाने की जिम्मेदारी उठाने वाले लोगों के सामने भी खर्च की चिंता रहती है. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना किसानों और पशुपालकों के लिए मददगार साबित हो सकती है.

इसके तहत पात्र लोगों को बेसहारा गोवंश की देखभाल की जिम्मेदारी दी जाती है. इसके लिए हर पशु के भरण-पोषण के सरकार की तरफ से लिए 1,500 रुपये महीने की सहायता मिलती है. योजना के तहत एक गोवंश की देखभाल के लिए रोजाना 50 रुपये के हिसाब से सहायता दी जाती है.

एक गाय पर 18,000 रुपये सालाना सहायता

एक गोवंश के लिए रोज 50 रुपये के हिसाब से मदद मिलती है. यानी एक पशु पर महीने में 1,500 रुपये और सालभर में 18,000 रुपये मिलते हैं. अगर किसी पात्र व्यक्ति को चार गोवंश दिए जाते हैं, तो उसे महीने में अधिकतम 6,000 रुपये और सालभर में 72,000 रुपये तक सहायता मिल सकती है. यह रकम सीधे बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था है. हालांकि, यह पैसा पशुओं के भरण-पोषण के लिए है, इसे पूरी तरह मुनाफा नहीं समझना चाहिए.

दूध से भी हो सकती है अतिरिक्त आमदनी

अगर सौंपा गया गोवंश दूध देने वाला है, तो परिवार को दूध मिल सकता है. कुछ मामलों में दूध बेचकर अतिरिक्त कमाई का मौका भी बन सकता है. लेकिन हर पशु दूध देने वाला हो, यह जरूरी नहीं है. इसलिए आवेदन करने से पहले पशु की स्थिति और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी समझना जरूरी है.

यह भी पढ़ें: चारा संकट के बीच पशुपालकों के काम की खेती, एक बार बुवाई से 3 साल तक चारा

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

योजना के लिए इच्छुक किसान या पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. पात्रता और चयन की जानकारी जिला पशुपालन विभाग से लें. आम तौर पर आवेदक के पास पशु रखने की पर्याप्त जगह, देखभाल की व्यवस्था और आधार से जुड़ा सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए. आधार कार्ड, पहचान पत्र और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. अधिकतम चार गोवंश दिए जाने का प्रावधान बताया गया है.

आवेदन से पहले ये बात जरूर समझें

  • गोवंश लेने के बाद उसकी देखभाल करना लाभार्थी की जिम्मेदारी है.
  • पशु को बेचना या दोबारा बेसहारा छोड़ना योजना के उद्देश्य के खिलाफ है.
  • इसलिए सिर्फ हर महीने मिलने वाली सहायता देखकर फैसला न करें.
  • पहले चारे, जगह, पानी और इलाज की व्यवस्था का हिसाब लगाएं.

यह भी पढ़ें: यूपी में इस दिन से शुरू होगी धान की खरीद, ऐसे करें रेजिस्ट्रेशन

Topics & Tags:#Agriculture
बेसहारा गायों को दीजिए छत, सरकार हर साल देगी 72000 रुपये | Kisan Reporter