Cattle Care Tips: अक्सर पशुपालक गाय-भैंस की देखभाल को लेकर परेशान रहते हैं. खाने-पीने से लेकर साफ-सफाई तक कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है. खासकर बदलते मौसम में मच्छर, मक्खियां और दूसरे छोटे-छोटे कीड़े पशुओं को काफी परेशान करते हैं. ये कीड़े बार-बार पशुओं को काटते हैं, जिससे उन्हें खुजली, जलन और त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं. इतना ही नहीं, कई बार इनके काटने से पशु गंभीर बीमारियों की चपेट में भी आ जाते हैं.
ऐसे में पशुपालकों को इनसे बचाव के लिए बाजार से महंगे स्प्रे और पाउडर खरीदने पड़ते हैं. लेकिन अब इसके लिए पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. आप घर में रखी कुछ चीजों से ही एक देसी स्प्रे तैयार कर सकते हैं. खास बात यह है कि इसे बनाने में न तो ज्यादा समय लगेगा और न ही कोई खर्च आएगा.
नीम और तुलसी के पत्तों से बनेगा देसी स्प्रे
पशुओं को मच्छर और मक्खियों से बचाने के लिए नीम और तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इन दोनों पत्तों की महक कीड़ों को दूर रखने में मदद करती है. इस देसी स्प्रे को बनाने के लिए आपको बस एक मुट्ठी नीम और तुलसी के पत्तों की जरूरत होगी. अगर आप एक बड़ी स्प्रे बोतल भरकर रखना चाहते हैं, तो करीब 250 ग्राम पत्ते ले सकते हैं. ये पत्ते आसानी से घर या आसपास मिल जाते हैं. इससे पशुपालकों को बाजार से महंगे केमिकल वाले स्प्रे खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
10 से 15 मिनट में ऐसे तैयार करें स्प्रे
- सबसे पहले एक बर्तन में इतना पानी लें कि उसमें नीम और तुलसी के पत्ते अच्छी तरह डूब जाएं.
- अब इसमें दोनों तरह के पत्ते डालकर गैस पर गर्म होने के लिए रख दें.
- पानी में अच्छी तरह उबाल आने तक इसे पकाएं.
- इसके बाद बर्तन को नीचे उतारकर कुछ देर ठंडा होने दें.
- जब पानी पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो इसे छन्नी से छान लें और पत्तों को अलग कर दें.
- अब जो पानी बचेगा, वही आपका देसी स्प्रे है.
- इसे बनाने में करीब 10 से 15 मिनट का समय लगता है.

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स्प्रे बोतल में भरकर पशुओं पर करें छिड़काव
तैयार लिक्विड को किसी साफ स्प्रे बोतल में भर लें. इसके बाद पशुओं के शरीर पर हल्का छिड़काव कर सकते हैं. इससे नीम और तुलसी की महक के कारण मच्छर और मक्खियां पशुओं से दूर रहती हैं. इस तरह पशुओं को बार-बार कीड़ों के काटने से होने वाली परेशानी से बचाने में मदद मिल सकती है.
हालांकि, छिड़काव करते समय ध्यान रखें कि यह घोल पशुओं की आंख, नाक, मुंह और खुले घावों पर न पड़े. पहली बार इस्तेमाल करने से पहले शरीर के छोटे हिस्से पर लगाकर देख लें. अगर जलन या एलर्जी दिखे, तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें. साथ ही, इसे पूरी तरह सुरक्षित कीटनाशक या बीमारियों से बचाव का पक्का उपाय न समझें.
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