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Crop Damage: चक्रवात ‘अर्नब’ की मार से फसल हुई खराब? ऐसे मिलेगा बीमा क्लेम

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ABP News
November 1, 2026•3 min read
Crop Damage: चक्रवात ‘अर्नब’ की मार से फसल हुई खराब? ऐसे मिलेगा बीमा क्लेम

Crop Damage Compensation: छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. कई जगह खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है, तो कहीं कटाई के बाद सुखाने के लिए रखी उपज भी भीग गई है. ऐसे किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने फसल नुकसान का सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं.

साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पात्र किसानों को बीमा क्लेम दिलाने की तैयारी की जा रही है. अगर आपकी फसल भी बारिश या तेज हवा से खराब हुई है, तो 72 घंटे के अंदर नुकसान की सूचना देना जरूरी है.

बीमा क्लेम पाने के लिए क्या है पूरा नियम?

सरकार ने फसल नुकसान की सूचना से लेकर बीमा राशि मिलने तक के लिए अलग-अलग समय तय किया है. इसके मुताबिक, किसान को नुकसान होने के 72 घंटे के अंदर इसकी जानकारी देनी होगी. शिकायत मिलने के बाद बीमा कंपनी को 48 घंटे में सर्वे करने वाले कर्मचारी को नियुक्त करना होगा. इसके बाद सर्वे करने वाले कर्मचारी को 10 दिनों के अंदर नुकसान का आकलन पूरा करना है. सर्वे रिपोर्ट और बाकी शर्तें पूरी होने पर पात्र किसान को 15 दिनों के भीतर बीमा क्लेम की रकम बैंक खाते में भेजने का प्रावधान है.

धान समेत 11 फसलों का मिलता है बीमा

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी और रागी को शामिल किया गया है. यानी प्रदेश के किसान इन 11 फसलों का बीमा करा सकते हैं. कृषि विभाग के अनुसार, राज्य में करीब 21.26 लाख हेक्टेयर में धान की फसल का बीमा किया गया है.

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कटाई के बाद खेत में रखी फसल भी है कवर

कई बार किसान फसल काटने के बाद उसे खेत में ही सुखाने के लिए छोड़ देते हैं. स्थानीय भाषा में इसे ‘करपा’ भी कहा जाता है. अगर इस दौरान चक्रवात या बेमौसम बारिश से उपज खराब होती है, तो योजना की शर्तों के अनुसार बीमा मिल सकता है. कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक इस तरह के नुकसान को कवर करने का प्रावधान है. ध्यान रहे, यह 14 दिनों का समय नुकसान की सूचना देने के लिए तय 72 घंटे से अलग है.

14447 नंबर पर दर्ज कराएं शिकायत

फसल खराब होने पर किसान कृषि रक्षक हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके सूचना दे सकते हैं. शिकायत करते समय अपना नाम, मोबाइल नंबर, गांव, तहसील, जिला, बीमित फसल और नुकसान की तारीख बताएं. खसरा नंबर और बीमा से जुड़े कागज भी पास रखें. नुकसान की फोटो और वीडियो सुरक्षित रखें और शिकायत के बाद मिलने वाला नंबर संभालकर रखें.

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