रसोई में हर दिन इस्तेमाल होने वाली प्याज अब आम लोगों के बजट पर भारी पड़ने लगी है. देश के कई हिस्सों में प्याज के दाम तेजी से बढ़े हैं. कुछ जगहों पर प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 42 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि दिल्ली में इसका भाव करीब 65 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है. पिछले एक महीने में ही प्याज की कीमतों में करीब 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
ऐसे में अगर आपके पास थोड़ी-सी जगह है तो आप गमले में आसानी से प्याज उगा सकते हैं. इसके लिए बड़े बगीचे या ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती. बालकनी, छत या खिड़की के पास रखे गमले में भी प्याज उगाई जा सकती है. ऐसे में आपको बस कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा.
सही गमला का चुनाव
प्याज के लिए ऐसा गमला चुनें जिसमें पानी निकलने के लिए नीचे पर्याप्त ड्रेनेज होल हों, जिससे अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके. बहुत छोटे गमले की बजाय करीब 8-10 इंच गहराई वाला कंटेनर बेहतर विकल्प होता है. अगर आप एक ही गमले में कई प्याज लगाना चाहते हैं, तो गमला पर्याप्त चौड़ा रखें ताकि पौधों को बढ़ने के लिए जगह मिल सके.
मिट्टी की गुणवत्ता का रखें ख्याल
प्याज को ऐसी मिट्टी पसंद होती है, जिसमें पानी जमा न हो और जड़ों को हवा मिलती रहे. गमले में सामान्य मिट्टी के साथ अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद और ऐसी सामग्री मिलाई जा सकती है जिससे मिट्टी हल्की और अच्छी जल निकासी वाली रहे. ध्यान रहे मिट्टी बहुत ज्यादा चिपचिपी या पानी रोकने वाली नहीं होनी चाहिए.
प्याज लगाने का सही तरीका
प्याज उगाने के लिए बीज, छोटे बल्ब या स्वस्थ प्याज के सेट इस्तेमाल किए जा सकते हैं. शुरुआती लोगों के लिए स्वस्थ छोटे बल्ब या सेट से शुरुआत करना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है. बल्ब को मिट्टी में लगाते समय उसे पूरी तरह गहराई में दबाने के बजाय उसका ऊपरी हिस्सा थोड़ा बाहर रखें. वहीं पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि प्याज को नीचे विकसित होने के लिए जगह मिल सके.
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धूप होती है जरूरी
प्याज के पौधों को अच्छी रोशनी की जरूरत होती है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधों को रोज पर्याप्त धूप मिल सके. कम रोशनी वाली जगह पर पौधों की बढ़त प्रभावित होती है. बालकनी या छत पर गमला रखते समय यह भी ध्यान रखें कि तेज हवा में पौधा या गमला गिरने का खतरा न हो.
जरूरत के अनुसार ही पानी दें
प्याज को पानी जरूर चाहिए, लेकिन गमले में पानी जमा रहना उसे नुकसान पहुंचाता है. इसलिए मिट्टी की ऊपरी परत को देखकर पानी दें. जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी लगे, तभी जरूरत के अनुसार सिंचाई करें.बहुत ज्यादा पानी देने से जड़ों में सड़न जैसी समस्या हो सकती है.
कब होगें प्याज तैयार
प्याज को तैयार होने में एक निश्चित समय नहीं लगता. हरे प्याज के लिए पत्तियों को अपेक्षाकृत जल्दी इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि पूरी सूखी प्याज तैयार होने में ज्यादा समय लगता है. जब पौधे की पत्तियां नीचे झुकने लगें और पीली पड़ने लगें, तो यह बल्ब के परिपक्व होने का संकेत होता है.
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