तमिलनाडु के लाखों गन्ना किसानों के लिए यह दिवाली बेहद खास और मिठास से भरी होने वाली है. राज्य सरकार ने त्योहार से ठीक पहले गन्ना किसानों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर सरकार ने 2025-26 के पेराई सीजन के दौरान मिलों को गन्ना देने वाले किसानों के लिए एक विशेष खरीद प्रोत्साहन राशि को मंजूरी दे दी है. सरकार के इस बड़े कदम से त्योहारों के मौसम में किसानों के बैंक खातों में सीधी नकद राशि ट्रांसफर की जाएगी, जिससे ग्रामीण इलाकों और किसान परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है.
सरकार ने जारी किया 603 करोड़ रुपये का फंड
कृषि और किसान कल्याण विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार ने इस विशेष दिवाली प्रोत्साहन योजना के लिए अपने खजाने से 603.34 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की है. सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह प्रोत्साहन राशि उन किसानों को दी जाएगी, जिन्होंने 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 के बीच चली पेराई के दौरान मिलों को गन्ने की सप्लाई की थी. इस सरकारी फैसले का सीधा लाभ तमिलनाडु की कुल 29 चीनी मिलों से जुड़े किसानों को मिलेगा, जिनमें 12 सहकारी मिलें, 2 सार्वजनिक क्षेत्र की मिलें और 15 प्राइवेट चीनी मिलें शामिल हैं.
FRP के ऊपर मिलेगा 709 रुपये प्रति टन का बोनस
किसानों को आर्थिक मजबूती देने के लिए सरकार ने सीधे प्रति टन के हिसाब से बोनस देने का फैसला किया है. केंद्र सरकार की तरफ से 9.5 प्रतिशत की चीनी रिकवरी दर वाले गन्ने के लिए 3,290.50 रुपये प्रति टन का उचित और लाभकारी मूल्य तय किया गया है. तमिलनाडु सरकार इस तय एफआरपी के ऊपर अपनी तरफ से 709.50 रुपये प्रति टन का अतिरिक्त विशेष बोनस देगी. इस अतिरिक्त बोनस के जुड़ने के बाद राज्य के गन्ना किसानों को अब कुल 4,000 रुपये प्रति टन का प्रभावी भाव मिलना सुनिश्चित हो गया है.
ज्यादा रिकवरी वाले किसानों को डबल फायदा
इस योजना के नियमों के अनुसार, जिन किसानों के गन्ने की चीनी रिकवरी रेट 9.5 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है, उन्हें इसका आनुपातिक रूप से और भी अधिक फायदा मिलेगा. ऐसे किसानों को प्रति टन 4000 रुपये से भी ज्यादा की कीमत दी जाएगी. अधिकारियों ने साफ किया है कि यह प्रोत्साहन राशि केवल बीते 2025-26 सीजन की आपूर्ति के लिए ही मान्य है और इसका भविष्य में होने वाली गन्ना सप्लाई या नए पेराई सत्र से कोई लेना-देना नहीं होगा.
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सीधे आधार लिंक बैंक अकाउंट में आएगा पैसा
दिवाली के त्योहार के ठीक आसपास इस बड़ी धनराशि का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा, जिससे राज्य के लगभग 90,000 गन्ना किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा.जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली एक जिला स्तरीय समिति योग्य किसानों के दावों की सिफारिश करेगी, जिसके बाद गन्ना निदेशालय इसकी अंतिम जांच करेगा. इसके तुरंत बाद तमिलनाडु ई-गवर्नेंस एजेंसी के जरिए यह राशि सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
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