खेती में अच्छी पैदावार लेने के लिए समय पर सिंचाई होना बेहद जरूरी है. कई किसान आज भी डीजल पंप के सहारे खेत तक पानी पहुंचाते हैं. इससे हर सीजन ईंधन पर बड़ी रकम खर्च हो जाती है. बिजली कनेक्शन होने पर भी सप्लाई का इंतजार करना पड़ सकता है. सिंचाई समय पर न होने से फसल की ग्रोथ प्रभावित होती है और किसानों को उत्पादन में नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे किसानों की परेशानी कम करने के लिए एक खास योजना चलाई जा रही है.
इस योजना में किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाला पंप बेहद कम खर्च में मिल सकता है. एक बार सोलर पंप लगने के बाद किसान सूरज की रोशनी से खेत की सिंचाई कर सकेंगे. इससे डीजल का खर्च बचेगा और बिजली का बिल भी. हालांकि इसका फायदा किसान को अपने आप नहीं मिलेगा. इसके लिए तय पात्रता पूरी करने के साथ आवेदन करना होगा. चलिए आपको बताते हैं किसान समृद्धि योजना में किसे लाभ मिलेगा.
झारखंड के इन किसानों को मिलेगा फायदा
किसान समृद्धि योजना झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की तरफ से चलाई जा रही है. इसका फायदा राज्य के पात्र किसानों को मिलेगा. किसान के पास खेती की जमीन और सिंचाई के लिए पानी का भरोसेमंद सोर्स होना जरूरी है. सोलर पंप की क्षमता खेत के क्षेत्रफल और उपलब्ध जल स्रोत के आधार पर तय की जा सकती है. व्यक्तिगत किसानों के लिए 2 एचपी का सतही सौर ऊर्जा आधारित पंपसेट उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है.
बड़ी क्षमता वाले पंप के लिए किसान समूह को प्राथमिकता मिल सकती है. आवेदन करने वाले किसान का आधार, बैंक खाता और जमीन का रिकॉर्ड अपडेट होना चाहिए. पहले से दूसरी सरकारी योजना के तहत सोलर पंप का लाभ ले चुके किसानों लाभ नहीं मिलेगा. पात्रता की जांच संबंधित विभाग की ओर से की जाएगी. इसलिए आवेदन से पहले अपने प्रखंड कृषि कार्यालय से नियमों की जानकारी जरूर ले लें.

किसानों को मिलेगा 90 प्रतिशत तक अनुदान
योजना के तहत सोलर पंप की सरकार से तय न्यूनतम कीमत पर 90 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है. पात्र किसान को कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा जमा करना होगा. लाभार्थी की ओर से अपना हिस्सा मिलने के बाद बाकी 90 प्रतिशत रकम योजना के तहत दी जाएगी. इससे किसान बेहद कम निवेश में सिंचाई का अपना इंतजाम कर सकते हैं.
हालांकि पंप की फाइनल कीमत उसकी क्षमता और सरकार से चुनी गई एजेंसी की रेट के हिसाब से तय होगी.सोलर पंप चलाने के लिए डीजल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे हर फसल में सिंचाई पर होने वाला खर्च कम हो सकता है. दिन के समय धूप मिलने पर किसान अपनी जरूरत के मुताबिक पंप चला सकेंगे. समय पर पानी मिलने से खेत में एक से ज्यादा फसल लेने का मौका भी बढ़ सकता है.
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ऐसे करना होगा योजना में आवेदन
किसान समृद्धि योजना में आवेदन करने के लिए किसान इसके आधिकारिक पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं. पोर्टल पर किसान रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन चुनकर मोबाइल नंबर और मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होगी. आवेदन के दौरान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन की रसीद, पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत पड़ सकती है. जल स्रोत से जुड़ी जानकारी भी मांगी जा सकती है. सभी डॉक्यूमेंट साफ और सही फॉर्मेट में अपलोड करना जरूरी है.

ऑनलाइन सुविधा समझ नहीं आने पर किसान अपने प्रखंड कृषि कार्यालय और जनसेवा केंद्र से मदद ले सकते हैं. आवेदन जमा होने के बाद विभाग रिकॉर्ड तथा जमीन का वेरिफिकेशन कर सकता है. जल स्रोत और पंप लगाने वाली जगह का फिजिकल निरीक्षण भी किया जा सकता है. पात्रता सही मिलने पर किसान को लाभार्थी अपना 10 परसेंट जमा करने की जानकारी मिलेगी. पैसे केवल आधिकारिक माध्यम से जमा करें. किसी एजेंट को नकद रकम न दें. आवेदन की रसीद और रजिस्ट्रेशन नंबर अपने पास रखें.
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