Agriculture

कैसे करें शरबती गेहूं की खेती? एक ही फसल में हो जाएंगे मालामाल

N
ABP News
September 23, 20264 min read
कैसे करें शरबती गेहूं की खेती? एक ही फसल में हो जाएंगे मालामाल

आज के समय में पारंपरिक फसलों के साथ अच्छी क्वालिटी की फसलों की मांग बाजार में बहुत तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में गेहूं की एक ऐसी खास किस्म मौजूद है जिसे द गोल्डन ग्रेन भी कहा जाता है. हम बात कर रहे हैं शरबती गेहूं की जिसकी मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैली हुई है. इस गेहूं की सबसे बड़ी खासियत इसका शानदार स्वाद और बेहतरीन क्वालिटी है.

सामान्य गेहूं के मुकाबले इस फसल की कीमत बाजार में हमेशा दोगुनी मिलती है. खेती से जुड़े जानकारों का मानना है कि सही तरीके से इसकी पैदावार करने पर किसानों को बंपर मुनाफा मिलता है. आज के समय में किसान पारंपरिक फसलों से हटकर इस विशेष किस्म की बुवाई कर रहे हैं. इसकी खेती करने के लिए मिट्टी की सही तैयारी और सटीक सिंचाई प्रबंधन बहुत जरूरी होता है.

बाजार में इसकी भारी डिमांड के चलते किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं. कई व्यापारी और कंपनियां तो एडवांस बुकिंग के जरिए ही इस फसल को हाथों-हाथ खरीद लेती हैं.अगर आप भी गेंहू की खेती के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं ले तो यह आपके लिए एक शानदार ऑप्शन साबित हो सकता है.

शरबती गेहूं की पहचान और खासियत

शरबती गेहूं को देश भर में इसके अनोखे रूप और बेहतरीन गुणों के कारण जाना जाता है. इसके दाने पूरी तरह गोल, वजनदार और सुनहरे रंग के होते हैं जिनमें एक अलग सी चमक दिखाई देती है. यह खास चमक इसमें प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली पोटाश की ज्यादा मात्रा की वजह से होती है. सामान्य गेहूं के मुकाबले इस किस्म में ग्लूकोज और सुक्रोज की मात्रा काफी ज्यादा पाई जाती है.

यही वजह है कि इससे बनी रोटियां स्वाद में हल्की मीठी और बहुत ही मुलायम होती हैं. इसके अलावा इसका दाना अंदर से बेहद ठोस होता है और हथेली पर रखने पर काफी भारी महसूस होता है. खाने के शौकीन लोग और बड़े रेस्टोरेंट संचालक इसी गेहूं के आटे की मांग करते हैं. बाजार में बिकने वाला सबसे महंगा आटा इसी किस्म से तैयार किया जाता है. इसकी इन्हीं तमाम खासियतों के चलते यह काफी मंहगा बिकता है.


मिट्टी की तैयारी और बुवाई का सही तरीका

शरबती गेहूं की बेहतरीन पैदावार हासिल करने के लिए खेत की मिट्टी तैयार करना सबसे जरूरी काम होता है. इसके लिए दोमट और हल्की चिकनी मिट्टी सबसे सही मानी जाती है जो नमी को लंबे समय तक बनाए रखती है. खेत की बुवाई से पहले चार से पांच बार अच्छी तरह जुताई करके मिट्टी को पूरी तरह भुरभुरी बना लेना चाहिए. इसके बाद खेत में पाटा लगाकर जमीन को समतल कर दिया जाता है जिससे पानी का बहाव एक समान बना रहे. बुवाई का सही समय अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के बीच का माना जाता है.

इस फसल की खास बात यह है कि इसमें किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल या कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. किसान इसे पूरी तरह प्राकृतिक और जैविक तरीकों से उगाना पसंद करते हैं जिससे इसकी शुद्धता बनी रहे. सही गहराई पर बीज की बुवाई करने से पौधे की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है और जड़ें मजबूत बनती हैं. समय पर की गई बिजाई फसल को कीटों के प्रकोप से बचाती है और पैदावार को कई गुना बढ़ा देती है.


यह भी पढ़ें: मशरूम की खेती से होगी तगड़ी कमाई, सरकार दे रही है भारी छूट

होती है बंपर कमाई

फसल की बंपर पैदावार पाने के लिए सही समय पर सिंचाई करना सबसे जरूरी है. शरबती गेहूं को सामान्य गेहूं के मुकाबले बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है. पूरी फसल के दौरान पौधे को कुल तीन से चार बार ही नियमित अंतराल पर पानी देने की जरूरत पड़ती है. पहला पानी बुवाई के करीब तीस से चालीस दिन बाद और आखिरी पानी पकने की अवस्था में दिया जाता है. इसकी पौधे की लंबाई करीब पांच फीट तक पहुंच जाती है इसलिए हवा चलने पर खास सावधानी रखनी पड़ती है.

केमिकल खादों के ज्यादा इस्तेमाल से फसल गिर सकती है इसलिए ऑर्गेनिक खादों का ही इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. सही देखभाल करने पर इस किस्म से प्रति हेक्टेयर के हिसाब से बढ़िया उत्पादन आसानी से मिल जाता है. बाजार में इसके दाम दूसरी फसलों के मुकाबले बहुत ऊंचे मिलते हैं.

यह भी पढ़ें: बाजार जाने की नहीं जरूरत, घर पर ही उगाएं मोरिंगा

Topics & Tags:#Agriculture
कैसे करें शरबती गेहूं की खेती? एक ही फसल में हो जाएंगे मालामाल | Kisan Reporter