Agriculture

बाजार जाने की नहीं जरूरत, घर पर ही उगाएं मोरिंगा

N
ABP News
September 23, 20263 min read
बाजार जाने की नहीं जरूरत, घर पर ही उगाएं मोरिंगा

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत को लेकर काफी ज्यादा कॉन्शियस हो गए हैं और हर कोई अपनी डाइट में ऐसी चीजें शामिल करना चाहता है जो न्यूट्रिएंट्स से भरपूर हों. अगर आप भी सुपरफूड्स के शौकीन हैं और बाजार से मंहगी चीजें खरीद-खरीद कर थक चुके हैं. तो अब वक्त आ गया है कि आप अपने घर पर ही मोरिंगा यानी सहजन उगाना शुरू कर दें.

इसे नेचुरल मल्टीविटामिन कहा जाता है क्योंकि इसकी पत्तियों और फलियों में जितने पोषक तत्व पाए जाते हैं. उतने शायद ही किसी दूसरी सब्जी में मिलते हैं. इसे उगाने लिए बहुत बड़े खेत की जरूरत नहीं है. बल्कि आप चाहें तो अपने घर की बालकनी, छत या छोटे से गमले में भी इसे बहुत आसानी से उगा सकते हैं. जान लीजिए इसे उगाने की पूरी प्रोसेस.

गमले में पौधा लगाने का सबसे आसान तरीका

बहुत से लोगों को लगता है कि मोरिंगा का पेड़ तो सिर्फ जमीन पर ही उग सकता है और उसके लिए बहुत बड़ी जगह चाहिए. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. आप चाहें तो घर में रखे किसी बड़े गमले या फिर ग्रो बैग में भी इसकी शुरुआत बेहद आसानी से कर सकते हैं. सबसे पहले एक बड़ा और मजबूत गमला लें जिसमें पानी निकलने के लिए नीचे अच्छा खासा छेद हो जिससे जड़ें सड़ने न पाएं.

मिट्टी तैयार करते समय साधारण मिट्टी में गोबर की सड़ी हुई खाद और थोड़ी सी बालू मिला लें जिससे मिट्टी एकदम भुरभुरी और उपजाऊ बन जाए. आप चाहें तो इसके बीज बो सकते हैं या फिर नर्सरी से इसकी कटिंग लाकर सीधे गमले में लगा सकते हैं दोनों ही तरीकों से पौधा बहुत तेजी से पकड़ बना लेता है. गमले को ऐसी जगह पर रखें जहाँ दिनभर में कम से कम पाँच से छह घंटे की अच्छी धूप मिलती रहे.


इन बातों का रखें ध्यान

किसी भी पौधे को हरा-भरा और घना बनाए रखने के लिए उसकी कटाई-छंटाई यानी प्रूनिंग करना बहुत जरूरी होता है. जब मोरिंगा का पौधा गमले में दो-तीन फीट का हो जाए. तो उसकी ऊपर की टहनी को हल्का सा काट दें जिससे वह लंबाई में बढ़ने के बजाय साइड से फैलना शुरू कर दे. इससे पौधा एक झाड़ीनुमा पेड़ बन जाता है और उसमें ढेर सारी शाखाएं निकलती हैं. जिससे पत्तियों का उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है.

पानी की बात करें तो मोरिंगा को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. बल्कि इसकी मिट्टी सूखने पर ही इसमें पानी डालना चाहिए. अगर गमले में हमेशा पानी भरा रहेगा. तो जड़ें गल सकती हैं और पौधे की ग्रोथ रुक सकती है. महीने में एक आध बार नीम की खली की हल्की डोज देते रहें. इससे पौधे को जरूरी ताकत मिलती है और किसी भी तरह के कीड़े-मकोड़े या फंगस का खतरा भी कोसों दूर रहता है.


यह भी पढ़ें: क्या होती है पॉलीहाउस खेती, इसमें कैसे मिलती है 1 करोड़ की सब्सिडी?

सेहत रहेगी तंदुरुस्त और होगी कमाई

घर पर मोरिंगा उगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसकी ताजी पत्तियों की सब्जी, सूप या पाउडर का इस्तेमाल करके आप अपनी इम्यूनिटी को जबरदस्त बूस्ट दे सकते हैं. इसमें कैल्शियम, आयरन, विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स का ऐसा खजाना होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर की कमजोरी दूर करने में अचूक दवा की तरह काम करता है.

अगर आपके पास थोड़ी सी भी एक्स्ट्रा जगह है और आप गमलों में इसकी अच्छी खासी संख्या तैयार कर लेते हैं. तो यह सेहत के साथ-साथ कमाई का भी तगड़ा जरिया बन सकता है. आज के समय में आर्गेनिक मोरिंगा पाउडर और फ्रेश पत्तियों की डिमांड बाजार में बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिसे लोग ऊंचे दामों पर खरीदते हैं.

यह भी पढ़ें: मशरूम की खेती से होगी तगड़ी कमाई, सरकार दे रही है भारी छूट

Topics & Tags:#Agriculture
बाजार जाने की नहीं जरूरत, घर पर ही उगाएं मोरिंगा | Kisan Reporter