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यूपी के आलू किसानों के लिए दो योजनाएं शुरू, कैसे उठा सकते हैं लाभ?

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ABP News
October 26, 2026•3 min read
यूपी के आलू किसानों के लिए दो योजनाएं शुरू, कैसे उठा सकते हैं लाभ?

Potato Farming UP: आलू की खेती करने वाले किसानों के सामने बड़ी परेशानी तब आती है, जब खेत में अच्छी पैदावार होने के बाद भी मंडी में सही भाव नहीं मिलता. कई बार आलू इतना सस्ता बिक जाता है कि, किसानों के लिए खेती का खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता है. दूसरी तरफ आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखने के लिए भी पैसे खर्च करने पड़ते हैं.

ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए उद्यान विभाग ने साल 2026-27 के लिए दो नई योजनाएं शुरू की है. इसके तहत पात्र किसानों को आलू बेचने और भंडारण करने पर अलग-अग 20 हजार रुपये तक की मदद मिल सकती है.

700 रुपये से कम भाव मिलने पर मिलेगी मदद

भाव स्थिरता योजना का फायदा उन किसानों को मिलेगा, जिन्हें आलू बेचने पर 700 रुपये प्रति क्विंटल से कम कीमत मिलती है. हालांकि, इसके लिए आलू का आकार 30 से 80 मिलीमीटर के बीच होना चाहिए. साथ ही आलू की क्वालिटी भी तय मानकों के मुताबिक होनी जरूरी है. किसान को व्यापारी से भुगतान बैंक के जरिए लेना होगा.

कितनी मिलेगी सहायता?

इस योजना में किसानों को मिलने वाली मदद का हिसाब दो तरीकों से लगाया जाएगा. पहला, आलू की उत्पादन लागत का 25 फीसदी और दूसरा, उत्पादन लागत और बिक्री कीमत के बीच का अंतर. इन दोनों में जो रकम कम होगी, उसी के हिसाब से सहायता मिलेगी. एक किसान अधिकतम दो हेक्टेयर में उगाए गए 200 क्विंटल आलू तक योजना का फायदा ले सकता है. सहायता की अधिकतम सीमा 20 हजार रुपये रखी गई है. खास बात यह है कि पट्टे पर जमीन लेकर आलू उगाने वाले किसान भी योजना का फायदा उठा सकते हैं.

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कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर भी सब्सिडी

जो किसान अपना आलू तुरंत बेचने के बजाय निजी कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं, उनके लिए भी राहत है. इस योजना के तहत भंडारण शुल्क पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता मिलेगी. यानी 200 क्विंटल आलू रखने पर अधिकतम 20 हजार रुपये तक अनुदान मिल सकता है. हालांकि, इसका फायदा लेने के लिए कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी करना जरूरी होगा.

कहां बेच सकते हैं आलू?

किसान मंडी, उपमंडी, निजी कोल्ड स्टोरेज परिसर या सीधे अपने खेत से आलू बेच सकते हैं. लेकिन सहायता पाने के लिए बिक्री का रिकॉर्ड और बैंक से भुगतान का सबूत रखना जरूरी है.

आवेदन कैसे करें?

  • योजना का फायदा लेने के लिए किसानों को आधार कार्ड या किसान आईडी से ई-केवाईसी करानी होगी.
  • इसके बाद बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी और आलू की बिक्री या भंडारण से जुड़े दस्तावेज देने होंगे.
  • किसान उद्यान विभाग के आलू अनुदान पोर्टल या जनसेवा केंद्र से आवेदन कर सकते हैं.
  • आवेदन से पहले योजना की पात्रता और जरूरी शर्तें जरूर जांच लें.

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