Red Kolkata Marigold Farming: क्या आप भी धान, गेंहू और सब्जियों की खेती से हटकर कुछ नया करना चाहते हैं? अगर हां तो आप लाल कलकत्ता गेंदा फूल की खेती शुरू कर सकते हैं. शादी-ब्याह हो या त्योहारी सीजन बाजार में इसकी खूब डिमांज रहती है. ऐसे में ये आपके लिए कमाई का नया रास्ता बन सकता है.
गेंदे की इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत ये है कि, इसके पौधे एक तो ज्यादा महंगे नहीं होता और दूसरी बात की इससे आपको लगभग 2 महीने में ही फूल मिलने लगते हैं. ऐसे में अगर आप भी इसकी खेती करना चाहते हैं तो आइए जानते हैं कि आखिर लाल कलकत्ता गेंदा क्या है और इससे कितनी कमाई हो सकती है.
क्या है लाल कलकत्ता गेंदा फूल?
लाल कलकत्ता गेंदा, गेंदे की एक ऐसी किस्म है, जिसके फूल गहरे नारंगी और लालिमा लिए हुए होते हैं. इसके फूल देखने में काफी खूबसूरत होते हैं और इनका इस्तेमाल माला बनाने, मंदिरों में पूजा और सजावट के लिए किया जाता है. अच्छी पैदावार और बाजार में मांग के कारण किसान इसकी खेती में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. ठंड का मौसम इसकी खेती के लिए अच्छा माना जाता है.
कैसे करें लाल कलकत्ता गेंदा की खेती?
- इसके लिए सबसे पहले खेत की दो बार अच्छी तरह जुताई करनी चाहिए.
- इसके बाद रोटावेटर चलाकर मिट्टी को भुरभुरा बना लें.
- फिर खेत में बेड तैयार करें.
- एक बेड से दूसरे बेड के बीच चार फीट और पौधे से पौधे के बीच एक फीट की दूरी रखते हैं.
- हालांकि, पौधों के बीच सही दूरी उनकी बढ़वार और स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से बदल सकती है.

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कितने दिनों में मिलने लगेंगे फूल?
लाल कलकत्ता गेंदा की खेती में गोबर की सड़ी खाद के साथ जरूरत के मुताबिक पोटाश, यूरिया और सुपर फॉस्फेट का इस्तेमाल किया जा सकता है. खाद की सही मात्रा मिट्टी की जांच के आधार पर तय करनी चाहिए. अच्छी देखभाल मिलने पर करीब 60 दिनों में फूल निकलने शुरू हो सकते हैं. इसकी फसल लगभग चार महीने तक चल सकती है.
कितनी लागत और कमाई होगी?
लाल कलकत्ता गेंदा की खेती से औप कम खर्च अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई किसान 30 डिसमिल यानी करीब 0.30 एकड़ जमीन पर इसकी खेती करता है, तो लगभग 8 से 9 हजार रुपये की लागत आ सकती है. अच्छी पैदावार और बाजार में सही भाव मिलने पर एक सीजन में 60 से 70 हजार रुपये तक के फूल बेचे जा सकते हैं. इस हिसाब से खर्च निकालने के बाद करीब 51 से 62 हजार रुपये बच सकते हैं.
खेती शुरू करने से पहले रखें ध्यान
किसान पौधे लगाने से पहले आसपास की फूल मंडियों में मांग और कीमत जरूर पता करें. साथ ही पानी की निकासी, सिंचाई और फूलों को समय पर बाजार पहुंचाने की व्यवस्था रखें. इससे फसल खराब होने और बिक्री में नुकसान का खतरा कम किया जा सकता है.
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