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Vegetables After Monsoon Farming : बरसात खत्म होते ही खेत में लगाएं ये सब्जियां, जमकर होगा मुनाफा

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ABP News
August 8, 20263 min read
Vegetables After Monsoon Farming : बरसात खत्म होते ही खेत में लगाएं ये सब्जियां, जमकर होगा मुनाफा

Vegetables After Monsoon Farming : बारिश का मौसम किसानों के लिए सिर्फ फसलों को पानी देने का समय नहीं होता, बल्कि इस दौरान सही फसल का चुनाव आने वाले दिनों की कमाई भी तय कर सकता है. अगस्त में मौसम में नमी और तापमान सब्जियों की अच्छी ग्रोथ के लिए अनुकूल रहता है. यही वजह है कि इस समय कई किसान पारंपरिक फसलों के अलावा सब्जियों की खेती पर भी ध्यान देते हैं. बरसात खत्म होते ही लगाई गई कुछ सब्जियां सितंबर और अक्टूबर के त्योहारों के आसपास बाजार में पहुंचती हैं, जब इनकी मांग बढ़ जाती है.

अगर किसान कम समय में फसल तैयार करके बेहतर कमाई करना चाहते हैं, तो बरसात खत्म होने के बाद का समय सब्जियों की खेती के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. हालांकि, बारिश के मौसम में जलभराव और ज्यादा पानी से फसल को नुकसान न हो, इसका ध्यान रखना भी जरूरी है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि बरसात खत्म होते ही खेत में कौन सी सब्जियां लगाएं, जिससे जमकर मुनाफा होगा.

बरसात खत्म होते ही खेत में कौन सी सब्जियां लगाएं

बरसात खत्म होते ही कई तरह की सब्जियों की खेती की जा सकती है. इनमें अगेती फूलगोभी, गाजर, मूली, बैंगन और शिमला मिर्च प्रमुख हैं. इन सब्जियों की मांग घरों के साथ-साथ होटल और स्थानीय बाजारों में भी बनी रहती है. अगेती फूलगोभी की मांग त्योहारों के सीजन में अच्छी रहती है. वहीं गाजर और मूली कम समय में तैयार होने वाली सब्जियों में शामिल हैं. बैंगन और शिमला मिर्च की खासियत यह है कि एक बार पौधे तैयार होने के बाद कई महीनों तक इनकी तुड़ाई की जा सकती है.

बारिश में खेती करते समय रखें इन बातों का ध्यान

1. अगस्त में सब्जियों की खेती के दौरान सबसे बड़ी समस्या भारी बारिश और खेत में पानी जमा होने की हो सकती है. इसलिए फसल लगाने से पहले खेत में पानी की निकासी की सही व्यवस्था करना जरूरी है.

2. गाजर और मूली की बुआई गहरी जुताई के बाद उठी हुई मेड़ों पर करने की सलाह दी जाती है. इससे खेत में पानी जमा होने की समस्या कम होती है और बीज के सड़ने का खतरा भी घटता है.

3. अगेती फूलगोभी, बैंगन और शिमला मिर्च के लिए पहले नर्सरी में पौध तैयार की जाती है. इसके बाद स्वस्थ पौधों को खेत में लगाया जाता है. रोपाई के दौरान पौधों और कतारों के बीच सही दूरी रखना भी जरूरी है. जिससे पौधों तक हवा और धूप आसानी से पहुंच सके.

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कम समय में तैयार हो जाती हैं कुछ सब्जियां

गाजर और मूली करीब 40 से 50 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो सकती हैं. इससे किसान को जल्दी उपज मिल जाती है. अगेती फूलगोभी भी ऐसे समय बाजार में पहुंच सकती है, जब इसकी सप्लाई कम होती है. वहीं बैंगन और शिमला मिर्च की एक बार रोपाई करने के बाद कई महीनों तक तुड़ाई की जा सकती है. इससे लंबे समय तक कमाई का मौका बना रहता है.

बारिश में ये सब्जियां भी लगा सकते हैं

बरसात के मौसम में सिर्फ खेतों में ही नहीं, बल्कि घर के गार्डन या छत पर भी कई सब्जियां उगाई जा सकती हैं. फूलगोभी, लौकी, गिलकी, बींस, खीरा और बैंगन जैसी सब्जियों की मांग बाजार में बनी रहती है. इसके अलावा बारिश के मौसम में भिंडी, गिलकी, करेला, लौकी, तोरई और खीरा जैसी बेल वाली सब्जियां भी लगाई जा सकती हैं. सही तकनीक और सही खाद के इस्तेमाल से इन्हें कम लागत में तैयार किया जा सकता है.

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