खेती में लगातार बढ़ती लागत और खराब मौसम के बीच किसान ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं, जो लंबे समय तक अच्छी आमदानी दे सके. ऐसे में बांस की खेती एक बेहतरीन विकल्प है. बांस को कई जगह हरा सोना भी कहा जाता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल फर्नीचर, निर्माण सामग्री, कागज, हस्तशिल्प और कई उत्पादों में किया जाता है. भारत में बांस की खेती मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, असम, कर्नाटक, नागालैंड और ओडिशा में की जाती है. ऐसे में बांस की खेती करना किसान के लिए फायदेमंद होता है. जानिए बांस की खेती कर किसान एक साल में कितना कमा सकता है.
शुरूआत में नहीं मिलती आमदनी
बांस एक बहुवर्षीय पौधा है. इसलिए गेहूं, धान या सब्जियों की तरह इसकी फसल हर कुछ महीनों में तैयार नहीं होती. आमतौर पर बांस की पैदावार शुरू होने में करीब 3 से 4 साल लगते हैं. इसके बाद कई वर्षों तक बांस की कटाई कर के आमदनी की जा सकती है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि शुरुआती वर्षों में पौधों को लगाने के बाद हर साल पूरी तरह से नई फसल लगाने की जरूरत नहीं पड़ती.
शुरुआती वर्ष में होता है खर्चा
बांस की खेती की लागत जमीन, पौधों की संख्या, सिंचाई और पर निर्भर करती है. यदि किसान एक हेक्टेयर में बांस लगाता है तो पौधों की खरीद, खेत की तैयारी, गड्ढे तैयार करने, रोपाई, सिंचाई, खाद और शुरुआती देखभाल पर खर्च आता है. शुरुआती साल में खर्च अधिक हो सकता है.
बाजार के दाम पर निर्भर करती है कीमत
बांस की खेती में पहले कुछ वर्षों तक किसान को मुख्य रूप से पौधों की वृद्धि पर ध्यान देना होता है. कटाई शुरू होने के बाद आमदनी का स्तर बढ़ता है. एक हेक्टेयर में कितने बांस तैयार होंगे और एक बांस की बिक्री कीमत क्या होगी, इसी आधार पर कुल आय तय होती है. वहीं बाजार के दाम पर ही किसान की आय निर्भर करती है.
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बांस की खेती के साथ कर सकते हैं दूसरी फसल
बांस के पौधे शुरुआती वर्षों में छोटे होते हैं. ऐसे में खेत की उपलब्ध जगह का उपयोग करने के लिए किसान परिस्थितियों के अनुसार अंतरवर्ती खेती यानि की Intercropping भी कर सकते हैं. दालें, सब्जियां या अन्य कम अवधि वाली फसलों को बांस के बीच उगाकर शुरुआती वर्षों में आमदनी हासिल की जा सकती है.
बाजार की जानकारी सबसे जरूरी
बांस लगाने से पहले किसान को यह पता करना चाहिए कि उसके आसपास बांस की मांग कहां है और खरीददार कौन हैं. स्थानीय व्यापारी, फर्नीचर उद्योग और कागज उद्योग से संपर्क करना एक बेहतरीन मार्केटिंग स्ट्रेटेजी हो सकती है. ऐसा करने से आपको अधिक लाभ हो सकता है. बांस की खेती तुरंत मुनाफा देने वाली फसल नहीं है, लेकिन एक बार पौधे लगाने के बाद इनसे कई वर्षों तक उत्पादन मिलता है.
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