Animal Fodder: अगर आप खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं, तो पशुओं के लिए रोज हरे चारे का इंतजाम करना कितना जरूरी है, यह आप अच्छी तरह जानते होंगे. सुखे के इस समय में किसान हरे चारे की कमी दूर करने के लिए बार-बार खेत में बुवाई नहीं कर सकते हैं. लेकिन जरा सोचिए, अगर खेत में एक बार घास लगाने के बाद आपको बार-बार हरा चारा मिलने लगे, तो चारे की सारी झंझट ही खत्म हो सकती है.
जी हां, नेपियर घास ऐसी ही एक घास है, जिसे लगाने के बाद कई बार काटकर पशुओं को खिलाया जा सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि पशुपालन विभाग इसे लगाने के लिए किसानों को 4 हजार रुपये की मदद भी दे रहा है. नेपियर घास पशुपालकों के लिए हरे चारे का अच्छा ऑप्शन हो सकती है.
2 से 3 साल तक मिलेगा हरा चारा
आमतौर पर किसानों को हर 2 से 3 महीने में हरे चारे की बुवाई करनी पड़ती है, लेकिन नेपियर घास के मामले में बार-बार बुवाई करने की जरूरत कम हो जाती है. इसकी खासियत है कि कटाई के बाद यह दोबारा बढ़ने लगती है. अगर किसान इसकी सही देखभाल करें, तो इससे 2 से 3 साल तक हरा चारा मिल सकता है. इससे पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करना थोड़ा आसान हो जाता है.
नेपियर घास लगाने पर मिलेंगे 4 हजार रुपये
पशुपालन विभाग नेपियर घास को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 4 हजार रुपये की मदद दे रहा है. इसका मकसद किसानों को इस घास को लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि पशुओं के लिए हरे चारे की कमी न हो. किसान नेपियर घास की जड़ें या रोपाई से जुड़ी जानकारी पशुपालन विभाग से ले सकते हैं. हालांकि, इस मदद का लाभ लेने के लिए पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी विभाग से जरूर कर लें.
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खेत के अलावा यहां भी लगा सकते हैं घास
नेपियर घास लगाने के लिए केवल खेत होना ही जरूरी नहीं है. किसान चाहें तो इसे बाग के किनारे या दूसरी खाली जगह पर भी लगा सकते हैं. इसकी रोपाई करते समय ध्यान रखें कि पौधों की जड़ों के पास पानी जमा न हो. घास को बढ़ने के लिए समय-समय पर पानी देना जरूरी है, लेकिन खेत में जलभराव होने से पौधों को नुकसान हो सकता है. इसलिए ऐसी जगह चुनें जहां पानी आसानी से निकल सके.
पशुओं के पोषण में भी मिलेगी मदद
नेपियर घास में विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो पशुओं के पोषण में मदद करते हैं. पशुओं को संतुलित आहार के साथ हरा चारा देने से उनके पोषण का ध्यान रखने में मदद मिलती है. इससे दूध उत्पादन बनाए रखने में भी सहारा मिल सकता है. खासकर उस समय, जब दूसरी चारा फसलों की कमी होने लगे, नेपियर घास पशुपालकों के काम आ सकती है.
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