How To Saffron At Home: केसर का नाम सुनते ही मन में सबसे पहला खयाल कश्मीर का आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि केसर को आप अपने घर पर भी उगा सकते हैं? केसर की खेती के लिए ज्यादा बड़े खेत की जरूरत नहीं होती, हालांकि इसकी खेती खास-देखभाल जरूर मांगती है. अगर आपके घर की छट या बालकनी में थोड़ी जगह हो तो आप भी इसे गमले में उगा सकते हैं
केसर को दूसरे पौधों की तरह बीज से नहीं उगाया जाता. इसके लिए कंद यानी बल्ब का इस्तेमाल होता है. इसलिए सबसे पहले किसी भरोसेमंद नर्सरी से स्वस्थ और मजबूत कंद खरीदें. इस बात का ध्यान रखें कि कंद हल्के बड़े हों और उनमें सड़न या बीमारी के निशान न हों. अच्छी शुरुआत के लिए कंद का सही चुनाव सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है.
अगस्त से अक्टूबर के बीच लगाएं कंद
केसर के कंद लगाने के लिए अगस्त से अक्टूबर तक का समय सबसे सही माना जाता है. इसके लिए ऐसा गमला चुनें, जिसमें नीचे पानी निकलने के लिए छेद हों. गमले में बगीचे की मिट्टी के साथ थोड़ी बालू और वर्मीकंपोस्ट या पुरानी गोबर की खाद मिला सकते हैं. मिट्टी ऐसी होनी चाहिए कि पानी आसानी से निकल जाए. ज्यादा गीली मिट्टी में कंद सड़ने का खतरा रहता है.
रोज 5 से 6 घंटे की धूप जरूरी
गमले को छत या बालकनी में ऐसी जगह रखें, जहां अच्छी धूप आती हो. रोज करीब 5 से 6 घंटे धूप मिलने से पौधे की बढ़वार में मदद मिलती है. हालांकि, आपके इलाके के मौसम के हिसाब से पौधे की देखभाल में थोड़ा बदलाव करना पड़ सकता है. अगर जगह पर धूप बहुत तेज पड़ती है और गमले की मिट्टी जल्दी सूखती है, तो उसकी नमी पर भी नजर रखें.
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पानी देते समय न करें जल्दबाजी
केसर के कंद को बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं होती. गमले की ऊपर की करीब एक इंच मिट्टी सूखी लगे, तभी हल्का पानी दें. ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो. जरूरत से ज्यादा पानी देने पर कंद खराब हो सकते हैं और पौधा बढ़ने से पहले ही सूख सकता है.
सर्दियों में दिख सकते हैं बैंगनी फूल
सही मौसम और देखभाल मिलने पर केसर के पौधे में आमतौर पर नवंबर से दिसंबर के बीच बैंगनी फूल आ सकते हैं. हर फूल के बीच में तीन लाल धागे होते हैं. इन्हीं को सावधानी से निकालकर केसर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. फूल खिलने पर इन लाल धागों को साफ चिमटी से अलग करें और साफ कागज पर छांव में अच्छी तरह सुखाएं. सूखने के बाद इन्हें कांच की बंद शीशी में रख सकते हैं.
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