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यूपी के किसानों की बल्ले-बल्ले! मधुमक्खी पालन पर मिलेगी 40% सब्सिडी

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ABP News
October 25, 2026•3 min read
यूपी के किसानों की बल्ले-बल्ले! मधुमक्खी पालन पर मिलेगी 40% सब्सिडी

UP Bee Keeping Subsidy: उत्तर प्रदेश में खेती करने वाले किसानों और गांव के युवाओं के लिए कमाई का एक और मौका है. अगर आप खेती के साथ कोई छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो मधुमक्खी पालन अच्छा विकल्प बन सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि, इसे शुरू करने के लिए सरकार की तरफ से ट्रेनिंग के साथ आर्थिक मदद भी दी जा रही है.

इसके साथ ही उद्यान विभाग की योजना के तहत पात्र लोगों को मधुमक्खी पालन की यूनिट लगाने पर 40 फीसदी तक सब्सिडी मिल सकती है. इससे किसानों को अपना काम शुरू करने में आसानी होगी.

तीन जगहों पर दी जा रही 90 दिन की ट्रेनिंग

मधुमक्खी पालन शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि, मधुमक्खियों को कैसे रखा जाए और उनसे शहद कैसे निकाला जाए. इसी के लिए उत्तर प्रदेश में तीन केंद्रों पर 76 लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है. इनमें बस्ती के केंद्र पर 15, सहारनपुर में 29 और प्रयागराज में 32 लोग प्रशिक्षण ले रहे हैं. यह ट्रेनिंग 90 दिनों की है, जो 15 दिसंबर तक चलेगी. इस दौरान लोगों को मधुमक्खियों की देखभाल, उनके बक्सों को संभालने, शहद निकालने और जरूरी उपकरण इस्तेमाल करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं.

मधुमक्खी पालन पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

मधुमक्खी पालन शुरू करने के लिए शुरुआत में बक्से, मधुमक्खियों की कॉलोनियां और शहद निकालने वाले उपकरण खरीदने पड़ते हैं. इसमें अच्छा-खासा खर्च आ सकता है. इसी खर्च को कम करने के लिए उद्यान विभाग की योजना में पात्र लोगों को यूनिट की तय लागत पर 40 फीसदी तक सब्सिडी देने की व्यवस्था है.

इसके तहत एक लाभार्थी के लिए 50 मधुमक्खी कॉलोनियों और उनके बक्सों की यूनिट तैयार करने का प्रावधान है. साथ ही शहद निकालने और उसे रखने के लिए जरूरी उपकरण भी शामिल हैं. हालांकि, मिलने वाली मदद योजना के नियमों और पात्रता पर निर्भर करेगी.

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खेती के साथ शहद बेचकर भी कर सकते हैं कमाई

मधुमक्खी पालन की अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसान को खेती छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती. वह अपने खेत या बगीचे के आसपास मधुमक्खियों के बक्से रखकर यह काम कर सकता है. मधुमक्खियां फूलों से रस इकट्ठा करके शहद बनाती हैं. इस शहद को बाजार में बेचकर किसान अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं. हालांकि, कमाई शहद की पैदावार, मौसम और बाजार भाव पर निर्भर करेगी.

फसलों को भी मिल सकता है फायदा

मधुमक्खियां फूलों पर बैठकर पराग को एक फूल से दूसरे फूल तक पहुंचाती हैं. इससे कई फसलों में फल और बीज बनने में मदद मिलती है. यानी मधुमक्खी पालन से किसानों को दो फायदे हो सकते हैं. एक तरफ शहद बेचकर कमाई और दूसरी तरफ कुछ फसलों की पैदावार बेहतर होने की संभावना. जो किसान या युवा यह काम शुरू करना चाहते हैं, वे अपने जिले के उद्यान विभाग से ट्रेनिंग, सब्सिडी और आवेदन की जानकारी ले सकते हैं.

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