Farmer ID Benefits: देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खबर है. अब सरकारी योजनाओं का फायदा लेने, फसल बीमा कराने और खेती के लिए बैंक से कर्ज लेने जैसे काम पहले से आसान हो सकते हैं. दरअसल, केंद्र सरकार ने देश में 11 करोड़ किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य तय समय से पांच महीने पहले ही पूरा कर लिया है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि, 23 अक्टूबर 2026 तक यह काम पूरा हो चुका है. सरकार का कहना है कि फार्मर आईडी से किसानों को बार-बार कागजात जमा करने की परेशानी कम होगी. आइए जानते हैं कि आखिर यह फार्मर आईडी क्या है और किसानों को इससे कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं.
क्या है फार्मर आईडी?
फार्मर आईडी किसानों की एक खास डिजिटल पहचान है. जैसे आधार कार्ड से किसी व्यक्ति की पहचान होती है, वैसे ही फार्मर आईडी के जरिए खेती करने वाले किसान की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड से जोड़ी जाती है. इसमें किसान की पहचान और खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी को डिजिटल तरीके से रखा जाता है. इससे सरकारी विभागों को पात्र किसानों की पहचान करने और योजनाओं का फायदा पहुंचाने में आसानी हो सकती है.
किसानों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?
फार्मर आईडी बनने से किसानों के कई काम आसान हो सकते हैं. सरकार के मुताबिक, इससे किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने, बैंक से खेती के लिए कर्ज लेने और फसल बीमा जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी.
इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर मिलने वाली राहत और न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर फसल बेचने की प्रक्रिया में भी सुविधा हो सकती है. हालांकि, सिर्फ फार्मर आईडी बन जाने से किसी योजना का पैसा अपने आप नहीं मिलेगा. इसके लिए योजना की जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी.
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6 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिला फायदा
कृषि मंत्रालय के मुताबिक, फार्मर आईडी से जुड़ी सरकारी सेवाओं के जरिए अब तक छह करोड़ से ज्यादा किसानों तक अलग-अलग योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा चुका है. सरकार का कहना है कि किसानों की जानकारी एक जगह होने से बार-बार पहचान की जांच करने की जरूरत कम हो सकती है. इससे योजनाओं का फायदा सही किसानों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी.
पांच महीने पहले कैसे पूरा हुआ लक्ष्य?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2027 तक देश में 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य रखा था. लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर यह काम 23 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लिया. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि पर राज्यों और जिलों में काम करने वाली टीमों को बधाई दी. बता दें कि केंद्र सरकार ने 2 सितंबर 2024 को डिजिटल कृषि मिशन को मंजूरी दी थी. इसी के तहत किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने का काम आगे बढ़ाया जा रहा है.
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