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राजस्थान में बिना फार्मर आईडी नहीं मिलेगी खाद, जानें इसे बनाने का प्रोसेस

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ABP News
August 31, 20263 min read
राजस्थान में बिना फार्मर आईडी नहीं मिलेगी खाद, जानें इसे बनाने का प्रोसेस

राजस्थान में अब किसानों को खाद यानी उर्वरक खरीदने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है. राज्य सरकार ने डिजिटल फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को पूरे राजस्थान में लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत अब किसान की जमीन के रकबे के हिसाब से ही उसे खाद मिलेगी और इसके लिए किसान के पास फार्मर आईडी होना जरूरी होगा. राजसमंद और सिरोही जिलों में इस सिस्टम का सफल ट्रायल होने के बाद इसे अब राज्यभर में लागू किया जा रहा है.

क्यों जरूरी हुई फार्मर आईडी?

अभी तक कई बार यह देखा गया कि किसान अपनी जरूरत से ज्यादा खाद खरीद लेते थे या फिर कुछ लोग गलत तरीके से सब्सिडी वाली खाद को बाजार में महंगे दामों पर बेच देते थे. इससे न सिर्फ खाद की कालाबाजारी बढ़ती थी, बल्कि जरूरतमंद किसानों तक सही मात्रा में खाद नहीं पहुंच पाती थी. अब नई व्यवस्था के तहत हर किसान की जमीन के रकबे के अनुसार तय मात्रा में ही खाद मिलेगी और यह पूरा रिकॉर्ड फार्मर आईडी से जुड़ा रहेगा, जिससे वितरण में पारदर्शिता आएगी.

फार्मर आईडी क्या है?

फार्मर आईडी एक 11 अंकों की यूनीक पहचान संख्या है, जो किसान के आधार कार्ड और जमीन के रिकॉर्ड से आपस में जुड़ी होती है. इसे किसान रजिस्ट्री भी कहा जाता है. इस आईडी में किसान की जमीन, फसल और बैंक खाते से जुड़ी सारी जानकारी एक ही जगह दर्ज रहती है, जिससे सरकार को यह पता रहता है कि किस किसान के पास कितनी जमीन है और उसे किस योजना का कितना लाभ मिलना चाहिए.

फार्मर आईडी बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज

फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसान के पास ये दस्तावेज होने जरूरी हैं-

  1. आधार कार्ड, जिसमें मोबाइल नंबर लिंक हो
  2. जमीन से जुड़े दस्तावेज यानी जमाबंदी
  3. चालू मोबाइल नंबर
  4. बैंक खाते की जानकारी

आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक होना खास तौर पर जरूरी है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया OTP वेरिफिकेशन के आधार पर ही पूरी होती है.

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ऑनलाइन फार्मर आईडी कैसे बनाएं?

किसान चाहें तो घर बैठे खुद भी अपनी फार्मर आईडी बना सकते हैं. सबसे पहले राजस्थान के आधिकारिक फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल rjfr.agristack.gov.in पर जाना होगा. यहां किसान लॉगिन का विकल्प चुनकर अपना मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज करना होगा. इसके बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आया OTP डालकर केवाईसी पूरी करनी होगी.

केवाईसी पूरी होने के बाद किसान को अपनी जमीन का ब्योरा, गांव, तहसील और खसरा नंबर जैसी जानकारी फॉर्म में भरनी होगी. साथ ही बैंक खाते की डिटेल भी दर्ज करनी होगी. सारी जानकारी सही-सही भरने के बाद कंसेंट यानी सहमति देकर फॉर्म को सेव करना होगा। इसके बाद सिस्टम अपने आप जमीन के रिकॉर्ड और आधार डेटा को आपस में मिलाकर किसान की फार्मर आईडी जनरेट कर देगा.

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