खेती में किसान आमतौर पर गेहूं, धान, दाल और सब्जियों जैसी फसलें उगाते हैं, लेकिन कुछ ऐसी भी चीजें हैं जिनकी खेती पेड़ों पर की जाती है. लाख की खेती भी इन्हीं में से एक है. इसमें जमीन पर लाख की फसल नहीं बोई जाती, बल्कि खास पेड़ों की डालियों पर लाख के कीट पाले जाते हैं. ये कीट पेड़ से रस लेते हैं और अपनी गतिविधि के दौरान राल जैसी परत बनाते हैं. इसी राल को आगे निकालकर लाख के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसार लाख को कम मात्रा में ज्यादा मूल्य देने वाली फसल माना जाता है और यह किसानों के लिए आय का अच्छा जरिया बन सकती है.
लाख की खेती आखिर होती कैसे है?
लाख की खेती के लिए सबसे पहले ऐसे पेड़ों की जरूरत होती है, जिन पर लाख के कीट आसानी से पनप सकें. कुसुम, पलाश और बेर इसके प्रमुख पेड़ों में शामिल हैं. इसके अलावा कुछ दूसरे पौधों पर भी लाख का उत्पादन किया जाता है. किसान इन पेड़ों की स्वस्थ शाखाओं पर लाख के कीटों से युक्त ब्रूड लाख यानी लाख का बीज बांधते हैं. इसके बाद कीट नई शाखाओं पर फैलते हैं और वहां अपनी परत बनाना शुरू करते हैं. ICAR के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी कुसुम, पलाश, बेर और Flemingia semialata जैसे पौधों पर वैज्ञानिक तरीके से लाख उत्पादन की जानकारी दी जाती है.
पेड़ों पर कीट छोड़ने के बाद क्या होता है?
ब्रूड लाख को पेड़ की शाखाओं पर लगाने के बाद लाख के कीट धीरे-धीरे फैलते हैं. ये पेड़ से रस लेते हैं और शाखाओं पर राल जमा करते हैं. कुछ समय बाद शाखाओं पर लाख की मोटी परत दिखाई देने लगती है. किसान को इस दौरान पेड़ों और लाख की फसल की देखभाल करनी होती है. कीटों और दूसरे नुकसान से बचाने के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाना जरूरी है. सही समय पर फसल की कटाई करने से अच्छी गुणवत्ता की लाख प्राप्त की जा सकती है.
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लाख की फसल कब तैयार होती है?
लाख की फसल का समय पेड़ और उत्पादन की किस्म के हिसाब से अलग हो सकता है. लाख की दो प्रमुख किस्मों में कुसमी और रंगीनी का नाम लिया जाता है. मौसम और पेड़ के अनुसार इनकी फसल का चक्र अलग होता है. तैयार होने पर लाख लगी हुई शाखाओं को काटकर उससे आगे की प्रक्रिया की जाती है. इसे आम तौर पर स्टिक लाख कहा जाता है. इसके बाद सफाई और प्रसंस्करण के जरिए इससे दूसरी लाख उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं.
लाख की खेती से कितनी कमाई हो सकती है?
लाख की खेती से होने वाली कमाई एक जैसी नहीं रहती. यह पेड़ों की संख्या, लाख की गुणवत्ता, उत्पादन, मौसम और बाजार भाव जैसी कई चीजों पर निर्भर करती है. इसलिए हर किसान के लिए लाखों रुपये की कमाई का दावा करना सही नहीं होगा. हालांकि ICAR की एक रिपोर्ट में झारखंड के किसान का उदाहरण दिया गया है, जिसने बेर के पेड़ों पर कुसमी लाख का उत्पादन करके अच्छी आय हासिल की. एक किसान ने तीन बेर के पेड़ों से 30 किलो ब्रूड लाख तैयार कर करीब 15 हजार रुपये की बिक्री की थी. बाद में आठ बेर के पेड़ों से 65 किलो लाख उत्पादन से 32,500 रुपये की आय हुई.
लाख का इस्तेमाल कहां होता है?
लाख का इस्तेमाल कई तरह के उत्पाद बनाने में किया जाता है. इससे पॉलिश, कोटिंग, वार्निश, सीलिंग और दूसरे औद्योगिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं. लाख से जुड़े कई उत्पादों पर भी काम किया गया है. ICAR के अनुसार लाख आधारित कोटिंग का इस्तेमाल फल-सब्जियों और पैकेजिंग जैसी चीजों में भी किया जाता है.
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