Anar Ki Kheti: अनार की मांग बाजार में सालभार बनी रहती है. सूखे के खतरे के बीच इसकी खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा हो सकती है. अनार के पौधे को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. ऐसे में इसकी खेती से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. हालांकि, इसकी अच्छी पैदावार के लिए सही मिट्टी, उन्नत किस्मों, समय पर सिंचाई और कीटों से बचाव का ध्यान रखना जरूरी है.
अनार की खेती गर्म और उपोष्ण जलवायु वाले इलाकों में अच्छी होती है. यह पौधा कुछ हद तक सूखे और पाले को सहन कर सकता है. अच्छी क्वालिटी के फल पाने के लिए 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तापमान सही माना जाता है. इसकी खेती के लिए गहरी दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है. मिट्टी का पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए.
खेत की तैयारी और पौधे लगाने का तरीका
अनार लगाने से पहले खेत की 2 से 3 बार गहरी जुताई करें. इसके बाद जमीन को समतल कर लें. पौधे तैयार करने के लिए कलम, गूटी और टिश्यू कल्चर का सहारा लिया जा सकता है. कलम से पौधे तैयार करने के लिए एक साल पुरानी 9 से 12 इंच लंबी शाखा चुनें, जिसमें 4 से 5 कलियां हों. इसके लिए फरवरी का महीना अच्छा माना जाता है.
गूटी से पौधे तैयार करने के लिए 2 से 3 साल पुराने स्वस्थ पौधे की पेंसिल जितनी मोटी शाखा चुनें. उसकी थोड़ी छाल हटाकर जड़ निकलने में मदद करने वाला पदार्थ लगाएं. फिर उस हिस्से को नम मॉस घास या कोकोपीट से लपेट दें. जड़ें निकलने पर शाखा को काटकर अलग कर लें.
अनार की उन्नत किस्में कौन-सी हैं?
किसानों के लिए भगवा, रूबी, अरक्ता, गणेश, मृदुला, जोधपुर रेड, ज्योति, मस्कट, जालौर सीडलैस और एनआरसी हाइब्रिड-6ए जैसी किस्में उपलब्ध हैं. किस्म चुनते समय अपने इलाके की जलवायु और बाजार में मांग का ध्यान रखें.
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पौधे लगाने के लिए गड्ढे और दूरी
अनार के पौधे लगाने के लिए 60 सेंटीमीटर लंबा, चौड़ा और गहरा गड्ढा तैयार करें. इसमें 10 किलो गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट, 500 ग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट और 1 किलो नीम की खली मिलाई जा सकती है. पौधों के बीच 10 से 12 फीट और कतारों के बीच 13 से 15 फीट की दूरी रखें.
खाद और सिंचाई का रखें ध्यान
अनार के पौधों को हर साल नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश की जरूरत होती है. इनकी सही मात्रा पौधे की उम्र और मिट्टी की जांच के आधार पर तय करनी चाहिए. गोबर की खाद भी पौधों के लिए फायदेमंद रहती है. गर्मियों में इसे करीब 4 से 5 दिन और सर्दियों में 10 से 12 दिन के अंतर पर पानी देने की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, मिट्टी में नमी और मौसम के हिसाब से सिंचाई का अंतर बदल सकता है.
फल कब तोड़ने चाहिए?
अनार के फल तब तोड़ें, जब उनका रंग गहरा गुलाबी या लाल होने लगे. फल के नीचे का हिस्सा अंदर की तरफ मुड़ने लगे और दाने गहरे लाल या गुलाबी रंग के हो जाएं, तो यह पकने के संकेत हो सकते हैं. सही समय पर तुड़ाई करने से फलों की क्वालिटी बनी रहती है और बाजार में बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ती है.
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