Krishak Uphar Yojana UP: खेती-किसानी में ट्रैक्टर से लेकर सिंचाई के पंप और पशुओं के लिए चारा काटने वाली मशीन तक, कई चीजों की जरूरत पड़ती है. लेकिन इन मशीनों को खरीदने में किसानों का अच्छा-खासा पैसा खर्च हो जाता है. ऐसे में उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना 2026 बड़े काम की हो सकती है. इस योजना के तहत मंडी में अपनी फसल बेचने वाले पात्र किसानों को लकी ड्रॉ के जरिए खेती में काम आने वाले कई मशीन जीतने का मौका मिलता है.
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से चलाई जा रही इस योजना का मकसद किसानों को खेती और पशुपालन में काम आने वाली चीजें उपलब्ध कराना है. योजना की बदली हुई सूची में पहले दूसरे उपहार के तौर पर शामिल 43 इंच के एलईडी टीवी की जगह अब चारा काटने वाली मशीन को रखा गया है.
अब उपहार में मिलेगी चारा काटने वाली मशीन
मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना 2026 में पहले उपहार के तौर पर 35 हॉर्स पावर का ट्रैक्टर मिल सकता है. वहीं, दूसरे उपहार के तौर पर 3 हॉर्स पावर की चारा काटने वाली मशीन दी जा सकती है, जिसकी अनुमानित कीमत 30,000 रुपये बताई गई है. इसके अलावा 8 हॉर्स पावर का पंपिंग सेट, पावर स्प्रेयर और 20 हॉर्स पावर से कम क्षमता वाला छोटा ट्रैक्टर भी उपहारों में शामिल हैं.
योजना की सूची में 100 सीसी की मोटरसाइकिल और सोलर पावर पैक संयंत्र जैसी चीजें भी रखी गई हैं. इन उपकरणों से किसानों को सिंचाई, खेतों में छिड़काव और पशुओं के लिए चारा तैयार करने जैसे कामों में मदद मिल सकती है.
मंडी में फसल बेचने पर कैसे मिलेगा कूपन?
इस योजना का फायदा लेने के लिए किसानों को अपनी फसल तय मंडी या सरकारी केंद्र पर बेचनी होगी. फसल बेचने के बाद किसानों को नियमों के हिसाब से पर्ची और जरूरी कागजात के आधार पर इनामी कूपन दिए जाएंगे. इन कूपन के जरिए किसान लकी ड्रॉ में हिस्सा ले सकेंगे. इसलिए मंडी में फसल बेचते समय मिलने वाली पर्ची और दूसरे जरूरी कागज संभालकर रखें. 
यह भी पढ़ें: ट्रैक्टर से ड्रोन तक पर मिलेगी सब्सिडी, किसान यहां करें आवेदन
लकी ड्रॉ में नाम आने पर मिलेगा उपहार
योजना के तहत मासिक, तीन महीने और छह महीने के अंतराल पर लकी ड्रॉ के जरिए विजेताओं को चुनने का प्रावधान बताया गया है. अगर किसी किसान का नाम ड्रॉ में निकलता है, तो आगे की प्रक्रिया के बारे में संबंधित मंडी समिति जानकारी देती है. हालांकि, केवल मंडी में फसल बेचने या ईनामी कूपन मिलने से ट्रैक्टर या दूसरा उपहार मिलना तय नहीं होता. विजेताओं का चयन लकी ड्रॉ और योजना के नियमों के आधार पर ही किया जाता है. इच्छुक किसान अपने नजदीकी कृषि उत्पादन मंडी समिति कार्यालय में संपर्क करके पात्रता, जरूरी कागजात और अगले लकी ड्रॉ की तारीख की जानकारी ले सकते हैं.
यह भी पढ़ें: मोबाइल पर बुकिंग, क्यूआर कोड से खाद.. रबी के लिए नई तैयारी कर रही सरकार
