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बारिश में पशुओं की सेहत के लिए अपनाएं ये टिप्स

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ABP News
August 7, 20264 min read
बारिश में पशुओं की सेहत के लिए अपनाएं ये टिप्स

Monsoon Animal Care Tips: देश के कई हिस्सों में इन दिनों खूब बारिश हो रही है. एक और जहां इस बारिश से गर्मी से राहत मिली है तो वहीं दूसरी और कई किसानों और पुशपालकों को परेशानियां भी उठानी पड़ रही है. बारिश के मौसम में पशुओं का खास ख्याल रखना होता है. इस मौसम का पशुओं की सेहत पर भी काफी असर पड़ता है. लगातार नमी, गीली जमीन और आसपास जमा पानी की वजह से गाय और भैंस जल्दी बीमार पड़ सकती हैं. इस मौसम में पशुओं के रहने की जगह साफ और सूखी रखना सबसे जरूरी काम है.

अगर पशु लंबे समय तक गीली जगह पर खड़े रहें तो उनके पैरों में इंफेक्शन और दूसरी परेशानियां हो सकती हैं. बारिश के दिनों में चारा और पानी की क्वालिटी पर भी खास नजर रखनी चाहिए. गीला या सड़ा हुआ चारा पशुओं को खिलाने से पाचन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. तो साथ ही मच्छर, मक्खी और दूसरे कीड़ों के बढ़ने से बीमारी फैलने का रिस्क भी बढ़ जाता है. इसलिए इस मौसम में पशुओं को संक्रमण और दूसरी मौसमी परेशानियों से बचाने के लिए ध्यान रखें यह बातें.

पशुओं का रहने की जगह रखें साफ और सूखी

बारिश में सबसे पहले पशुओं के शेड यानी उनके रहने की और उसके आसपास की जगह पर ध्यान देना चाहिए. अगर फर्श पर लगातार पानी या कीचड़ जमा रहता है तो पशुओं को वहां से निकालकर सूखी जगह पर रखने की कोशिश करें. शेड में पानी निकलने का रास्ता खुला रखें जिससे बारिश का पानी अंदर न रुके. गीली जमीन पर लंबे समय तक खड़े रहने से पशुओं के खुरों में संक्रमण और सूजन की समस्या हो सकती है.

इसलिए फर्श को जितना हो सके सूखा रखें और गीली जगह पर सूखी मिट्टी या दूसरी कोई बिछावन इस्तेमाल करें. शेड में हवा का आना जाना भी ठीक रहना चाहिए. लेकिन पशुओं को सीधे तेज हवा और बारिश के संपर्क में न रखें. गोबर और गंदगी को रोज हटाएं क्योंकि नमी के साथ गंदगी बढ़ने पर बैक्टीरिया और दूसरे संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. बारिश के दिनों में साफ सफाई को रोज की रूटीन का हिस्सा बनाना पशुओं की सेहत के लिए काफी फायदेमंद रहता है.


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चारा और पानी की क्वालिटी पर दें ध्यान

बारिश में पशुओं को खिलाए जाने वाले चारे को लेकर लापरवाही महंगी पड़ सकती है. गीला या फफूंद लगा चारा पशुओं को न दें. अगर चारा बारिश में भीग गया है और उसमें बदबू या फंगस दिखाई दे रही है तो उसे अलग कर दें. हरे चारे को भी साफ जगह से लाकर सही तरीके से रखें जिससे उसमें ज्यादा नमी जमा न हो. पशुओं को पीने के लिए साफ और ताजा पानी दें. बारिश के दौरान कई जगह पानी गंदा हो सकता है.

इसलिए तालाब या खुली जगहों का पानी सीधे पिलाने से पहले उसकी सफाई और क्वालिटी का ध्यान रखें. पशुओं के बर्तन भी रोज धोते रहें. तो साथ ही खाने की जगह पर पानी और गोबर जमा न होने दें. अगर गाय या भैंस चारा नहीं खा रही और उनका दूध कम हो गया है या उसका बर्ताव अजीब सा नजर आ रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें. ऐसे में पुश चिकित्सक से तुरंत कंसल्ट करें.



मच्छर और बीमारी फैलाने वाले कीड़ों से बचाएं

बारिश के बाद जमा पानी में मच्छर तेजी से बढ़ते हैं और पशुओं के आसपास मक्खियों की संख्या भी बढ़ सकती है. इसलिए शेड के आसपास पानी जमा न होने दें. नालियों और पानी की निकासी वाली जगहों को नियमित रूप से साफ करते रहें. पशुओं के शरीर और आसपास की जगह पर भी सफाई का ध्यान रखें. अगर पशु के शरीर पर घाव है तो उसे खुला और गंदा छोड़ने से संक्रमण बढ़ सकता है.

ऐसे मामलों में पशु चिकित्सक की सलाह से उचित देखभाल करें. बारिश के मौसम में पशुओं के टीकाकरण और जरूरी स्वास्थ्य जांच का रिकॉर्ड भी अपडेट रखें. किसी पशु में बुखार, लगातार सुस्ती, खाना छोड़ना, खांसी, दस्त या दूध उत्पादन में अचानक कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे बाकी पशुओं से अलग रखना समझदारी है. बीमारी फैलने का इंतजार करने के बजाय शुरुआती लक्षणों पर ही एक्सपर्ट की सलाह लेना ज्यादा सही रहता है.

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