आजकल शहरों की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाजार से जो सब्जियां हम खरीदकर लाते हैं.वे देखने में जितनी ताजी और चमकदार लगती हैं अंदर से उतनी ही जहरीली होती हैं. ज्यादा मुनाफे के चक्कर में सब्जियों पर धड़ल्ले से केमिकल फर्टिलाइजर और खतरनाक कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है. जो सीधे हमारी और हमारे परिवार की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं. इसलिए अब बहुत से लोग अपने घर पर ही सब्जियां उगा रहे हैं. ऐसे में अगर आपके घर में छत पर खाली जगह पड़ी है.
तो उसका सही इस्तेमाल करें और हर हफ्ते ताजी हरी-भरी और पूरी तरह ऑर्गेनिक सब्जी अपनी रसोई के लिए तैयार करें. भिंडी ऐसी ही एक हरी ऐसी सब्जी है जिसे घर पर उगाना बहुत आसान है और इसके लिए किसी बहुत बड़े तामझाम की जरूरत नहीं पड़ती. बस थोड़ी सी सही जानकारी और सही मिट्टी के साथ आप अपनी छत पर बढ़िया हरी भिंडी उगा सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं पूरा तरीका.
सही गमला और सही पॉटिंग मिक्स तैयार करें
छत पर भिंडी उगाने के लिए आपको पहले एक सही साइज के कंटेनर की जरूरत होती है. भिंडी की जड़ें नीचे गहराई तक फैलती हैं. इसलिए हमेशा 12 से 15 इंच का गमला या 12x12 साइज का एचडीपीई ग्रो बैग चुनें. प्लास्टिक गमलों के नीचे ड्रेनेज होल यानी पानी निकलने का छेद होना बहुत जरूरी है जिससे पानी जमा न हो. अब बात करते हैं मिट्टी की तो छत की बागवानी के लिए मिट्टी भारी नहीं. बल्कि हल्की और पोषक तत्वों से भरपूर होनी चाहिए.
इसके लिए 40 फीसदी सामान्य गार्डन सॉइल, 30 फीसदी गोबर की सड़ी खाद और 30 फीसदी कोकोपीट को आपस में अच्छी तरह मिला लें. इस मिक्सचर में दो मुट्ठी नीम की खली और आधा चम्मच हल्दी पाउडर जरूर डालें जिससे मिट्टी में दीमक और फंगस का खतरा न रहे. यह मिक्सचर जड़ों को तेजी से फैलने में मदद करता है और पौधे को लगातार ताकत देता है.

बीज बोने की सही तरीका
गमले तैयार करने के बाद हमेशा किसी अच्छी और भरोसेमंद दुकान से हाइब्रिड भिंडी के बीज ही खरीदें. बीजों को सीधे मिट्टी में दबाने से पहले 5 से 6 घंटे के लिए हल्के गुनगुने पानी में भिगोकर रख दें. इससे बीज का बाहरी छिलका नरम हो जाता है और अंकुरण बहुत तेजी से होता है. इसके बाद गमले में 1 इंच की गहराई पर 2 से 3 बीज दबाएं और ऊपर से हल्का पानी छिड़क दें.
लगभग 5 से 7 दिनों में नन्हे पौधे बाहर निकल आएंगे. जब पौधे 4 इंच के हो जाएं तो सबसे मजबूत एक या दो पौधे रखकर बाकी कमजोर पौधों को हटा दें. भिंडी को धूप बेहद पसंद होती है. इसलिए गमलों को छत के उस कोने में रखें जहां दिनभर में कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी और तेज धूप आती हो. पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी दिखे.

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समय-समय पर काटते रहें भिंडी
पौधों की तेज ग्रोथ और ज्यादा फूल-फल पाने के लिए हर 15 दिन में जैविक खुराक देना बेहद जरूरी है. इसके लिए सरसों की खली को पानी में तीन दिन सड़ाकर बनाया गया हल्का लिक्विड फर्टिलाइजर दें. भिंडी पर कभी-कभी सफेद मक्खी या माहू का अटैक हो सकता है. इनसे बचने के लिए किसी केमिकल का इस्तेमाल न करें 1 लीटर पानी में 5 मिलीलीटर नीम का तेल और थोड़ा सा शैम्पू मिलाकर हर हफ्ते स्प्रे करें.
बीज लगाने के करीब 45 से 50 दिनों के भीतर पौधों पर चमचमाती हरी भिंडियां तैयार हो जाती हैं. जब भिंडी नर्म और उंगली के साइज की हो तभी कैंची से काट लें. समय पर तुड़ाई करने से पौधे पर लगातार नई भिंडियां निकलती रहती हैं और आपको हफ्तों तक बाजार जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
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