मानसून की विदाई के बाद देश के किसान भाई रबी सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं. इस मौसम में सही फसलों का चयन करके किसान अपनी सूखी जमीन से भी सोने जैसी मूल्यवान उपज ले सकते हैं. कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, कुछ ऐसी खास नकदी और पारंपरिक फसलें हैं, जिनकी बुवाई अगर सही समय पर और उन्नत तकनीक से की जाए तो वे बंपर पैदावार के साथ रिकॉर्ड मुनाफा देती हैं. अक्टूबर और नवंबर का महीना इन फसलों की बुवाई के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. अगर आप भी इस रबी सीजन में अपनी कमाई को दोगुना करना चाहते हैं तो अभी से कुछ चुनिंदा फसलों की तैयारी शुरू कर दीजिए.
सरसों की खेती है सबसे मुनाफेदार
रबी सीजन में तेलहन फसलों के भीतर सरसों की खेती को सबसे ज्यादा फायदे का सौदा माना जाता है. भारतीय बाजारों में खाद्य तेलों की मांग हमेशा बहुत ऊंची रहती है, जिससे सरसों का बाजार भाव बहुत शानदार मिलता है. इसकी खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें गेहूं के मुकाबले बहुत कम सिंचाई की जरूरत होती है.
यदि आप आरएच-725 या गिरराज जैसी उन्नत और अधिक तेल प्रतिशत वाली हाइब्रिड किस्मों का चयन करते हैं, तो मात्र 3 से 4 महीनों में प्रति एकड़ बंपर पैदावार हासिल की जा सकती है. कम लागत और कम पानी में तैयार होने के कारण यह फसल किसानों की जेब को पैसों से भर देती है.
गेहूं की उन्नत किस्में बदलेंगी किस्मत
पारंपरिक खेती करने वाले किसानों के लिए गेहूं आज भी सबसे भरोसेमंद फसल है. सरकार द्वारा हर साल गेहूं पर तय किए जाने वाले MSP के कारण बाजार जोखिम न के बराबर रहता है. इस बार अच्छी पैदावार लेने के लिए किसानों को सामान्य किस्मों के बजाय DBW-187 या DBW-303 जैसी आधुनिक और रोगप्रतिरोधी किस्मों की तैयारी करनी चाहिए. इन उन्नत किस्मों में झुलसा रोग और गर्मी सहने की क्षमता अधिक होती है, जिससे प्रति एकड़ 25 से 30 क्विंटल तक की रिकॉर्ड पैदावार आसानी से ली जा सकती है.
चना और मसूर जैसी दलहनी फसलें
मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने और कम खर्च में तगड़ी कमाई करने के लिए चना और मसूर बेहतरीन विकल्प हैं. दलहनी फसलें होने के कारण ये हवा से नाइट्रोजन लेकर खेत की मिट्टी को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाती हैं. मंडियों में चने और मसूर का भाव हमेशा स्थिर और ऊंचा रहता है. इन फसलों को बहुत अधिक देखरेख की आवश्यकता नहीं होती है और ये कम वर्षा वाले क्षेत्रों या सीमित सिंचाई वाले खेतों में भी बहुत शानदार परिणाम देती हैं.
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सब्जियों और औषधीय पौधों से कम समय में मोटी कमाई
अगर आप बहुत ही कम समय के भीतर नकदी कमाना चाहते हैं तो खेत के एक हिस्से में अगेती मटर, हरी मिर्च, फूलगोभी या धनिया जैसी सब्जियों की खेती शुरू कर सकते हैं. इसके अलावा, आजकल औषधीय पौधों जैसे अश्वगंधा और सफेद मूसली की मांग भी तेजी से बढ़ी है.
इन फसलों की बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करके प्रति एकड़ पर्याप्त मात्रा में सड़ी हुई गोबर की खाद या केंचुआ खाद जरूर मिला लें. बुवाई के समय कतारों के बीच सही दूरी बनाए रखने और प्रमाणित बीजों का इस्तेमाल करने से फसलों का विकास बहुत तेजी से होता है और आपकी जमीन सच में सोना उगलने लगती है.
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