सितंबर की उमस और बारिश के बाद जैसे ही अक्टूबर की सुहानी और हल्की ठंडी हवाएं चलनी शुरू होती हैं. यह मौसम सर्दियों की सब्जियां उगाने के लिए सही माना जाता है. बाजार में मिलने वाली केमिकल और यूरिया वाली सब्जियों से तंग आ चुके लोग इस महीने अपने किचन गार्डन में तरह-तरह की सब्जियां उगा सकते हैं. अगर आपने इस मौसम में सही बीजों का चुनाव कर लिया तो आपका किचन गार्डन कुछ ही हफ्तों में हरी-भरी सब्जियों से लहलहा उठेगा.
घर की छत पर गार्डनिंग करना आजकल बहुत से लोगों के लिए सिर्फ एक शौकिया काम नहीं बल्कि उनकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है. अगर आप भी किचन गार्डनिंग करते हैं. तो फिर हम आपको बताते हैं कि अक्टूबर के महीने में आपको अपने किचन गार्डन में कौन-कौन सी खास सब्जियां लगानी चाहिए और कृषि वैज्ञानिकों के कौन से ऐसे टिप्स हैं जो आपके लिए जरूरी हैं.
अक्टूबर में कौन-सी सब्जियां लगानी हैं बेस्ट?
अक्टूबर का मौसम आते ही मौसम में ठंडक घुलने लगती है. जो पत्तेदार और जड़ वाली सब्जियों के लिए एकदम परफेक्ट मानी जाती है. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इस महीने आप अपने किचन गार्डन में पालक, मेथी, धनिया, मूली, गाजर, चुकंदर और पत्ता गोभी जैसी शानदार चीजें आसानी से उगा सकते हैं. इसके अलावा फूलगोभी, ब्रोकली और टमाटर के पौधे लगाने के लिए भी यही सबसे सही टाइम है.
इन सब्जियों को उगने के लिए बहुत ज्यादा तेज धूप की जरूरत नहीं होती. बल्कि हल्की ठंड और मॉडरेट धूप इन्हें तेजी से बढ़ाती है. अगर आप गमलों और ग्रो बैग्स में गार्डनिंग कर रहे हैं. तो मेथी, धनिया और पालक के बीज बिखेरते ही कुछ ही दिनों में हरियाली दिखने लगती है. घर की उगाई हुई इन फ्रेश सब्जियों का स्वाद बाजार की सब्जियों से कहीं ज्यादा होता है.

मिट्टी की तैयारी और खाद
पौधे तो लगा लेंगे लेकिन उसके लिए मिट्टी कैसी तैयार करें जिससे बढ़िया ग्रोथ ताबड़तोड़ हो यह पता होना भी जरूरी है. गमले या क्यारी की मिट्टी में सिर्फ सादी मिट्टी भरने से काम नहीं चलेगा. बल्कि उसमें 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत पुरानी सड़ी हुई गोबर की खाद, और 20 प्रतिशत रेत मिलाना बहुत जरूरी है. इससे मिट्टी एकदम भुरभुरी और उपजाऊ बनती है जिसमें जड़ें आसानी से फैलती हैं.मिट्टी तैयार करते समय उसमें थोड़ी सी नीम की खली जरूर मिला लें.
जिससे फंगस और मिट्टी के कीड़े बीजों को नुकसान न पहुंचाएं. हमेशा गमले या ग्रो बैग्स में नीचे पानी निकलने के लिए ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए. वरना पानी रुकने से जड़ें सड़ सकती हैं. अगर आपकी मिट्टी तैयार करते वक्त पोषक तत्वों ध्यान रखते हैं. तो अक्टूबर में बोए गए बीज चंद दिनों में ही मजबूत पौधों बनते हुए नजर आने लगेंगे.
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कृषि वैज्ञानिकों के टिप्स
बीज बोने और मिट्टी बनाने के बाद उनकी सही देखभाल करना काफी जरूरी है. चूंकि अक्टूबर-नवंबर में ठंड बढ़नी शुरू होती है. इसलिए पौधों को पानी बहुत हिसाब से देना चाहिए. गमले की मिट्टी चेक करके ही पानी डालें जब ऊपर की परत सूखी लगे तभी पानी दें, वरना ज्यादा पानी से पौधे गल सकते हैं. इसके अलावा अपने किचन गार्डन के गमलों को ऐसी जगह रखें जहां कम से कम 4 से 5 घंटे की अच्छी धूप मिलती रहे.
कीटों और इल्लियों से बचाव के लिए हफ्ते में कम से कम एक बार नीम के तेल का स्प्रे पौधों पर जरूर करें. जो नेचुरल कीटनाशक का काम करता है. समय-समय पर निराई-गुड़ाई करके मिट्टी की ऊपरी परत को ढीला करते रहें जिससे हवा मिलती रहे. अगर आप कृषि वैज्ञानिकों के इन देसी टिप्स को फॉलो करेंगे. तो आपका किचन गार्डन बिना किसी केमिकल के एकदम हरा-भरा रहेगा और बढ़िया सब्जी देगा.

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