अगर आप अपने फार्महाउस पर खजूर का पेड़ लगाने या बागवानी करने की सोच रहे हैं, तो सऊदी के पिंड खजूर इसके लिए सबसे बेहतर किस्म हैं. अगर आपके फार्महाऊस पर पर्याप्त जगह के साथ गर्म जलवायु है, तो यह खजूर लगाने के लिए सबसे अच्छी जगह है. भारत में आमतौर पर खजूर राजस्थान, गुजरात और कुछ अन्य गर्म स्थानों पर पाएं जाते हैं. खजूर का पेड़ गर्म और शुष्क इलाकों में अच्छी तरह विकसित होता है. एक बार खजूर का बाग तैयार करने के बाद लगभग 60-70 वर्षों तक इससे आमदनी की जा सकती है. इसे ऐसी जगह पर लगाया जाता है, जहां पानी कम हो. ऐसे में आइए जानते हैं फार्महाऊस पर खजूर लगाने की प्रक्रिया और देखभाल के सही तरीके.
स्वस्थ पौधों का करें चुनाव
खजूर का पेड़ लगाने के लिए बीज और पौधा दोनों का उपयोग किया जाता है. हालांकि बेहतर खेती करने के लिए पौधें लगाने का सुझाव दिया जाता है. किसी भी नर्सरी से स्वस्थ पिंड खजूर के पौधें खरीद कर उन्हें अपने फार्महाउस पर उचित दूरी पर लगाएं, जिससे उन्हें बाद में रोशनी मिलने में परेशानी न हो. खजूर को गर्म जलवायु की आवश्यकता होती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसे पानी की आवश्यकता नहीं होती. इन्हें थोड़े-थोड़े दिनों में पानी देते रहें या आप ड्रिप सिस्टम का उपयोग भी कर सकते हैं.
खजूर का पेड़ जल्दी फल नहीं देता
खजूर का बाग तैयार करने के तुरंत बाद आमदनी शुरू नहीं होती. खजूर के पेड़ पर फल आने में 4-5 लग सकते हैं और पूरी तरह पैदावर आने पर 7-8 साल तक समय लगता है. वहीं इस पर फल फरवरी-मार्च के महीने में लगना शुरू होते हैं और जुलाई-अगस्त के बीच यह पूरी तरह तोड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं.
यह भी पढ़ें: ऐसे करें लाल गन्ने की खेती? मालामाल कर देगी यह फसल
भारत में है खजूर की मांग
भारत में खजूर की मांग अच्छी होने की वजह से यह आय का एक बेहतर स्त्रोत है. खजूर का दाम वैसे तो आमतौर पर बाजार के दामों पर निर्भर करता है लेकिन रमजान जैसे त्योहारों पर खजूर की मांग बढ़ती है, जिसकी वजह से इसके दाम भी बढ़ते हैं. वहीं आजकल हेल्थ ट्रेन्ड्स की वजह से लोगों ने खजूर का सेवन शुरू कर दिया है. कई कंपनियां भी अब अपने प्रोडक्ट्स में खजूर (डेट्स) का उपयोग प्राकृतिक मिठास और ड्राई फ्रूट के रूप में करने लगी है. ऐसे में स्थानीय मार्केट और ऑनलाइन प्लेटफार्म के साथ आप किसी कंपनी से भी संपर्क कर के पैसे कमा सकते हैं.
यह भी पढ़ें: गमले में कैसे उगाएं अजवाइन का पौधा, जानें किचन गार्डनिंग का तरीका
