उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए मंडी में अपनी कृषि उपज बेचना अब सिर्फ फसल के बाजार तक सीमित नहीं है. मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत मंडी व्यवस्था से जुड़े किसानों को लकी ड्रॉ के जरिए कृषि उपयोगी सामान जीतने का अवसर भी मिलता है. योजना में समय-समय पर उपहारों की सूची में बदलाव किए जाते हैं, ताकि किसानों को उनकी खेती और पशुपालन की जरूरत के मुताबिक ज्यादा उपयोगी उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें.
इस योजना में सबसे ज्यादा आकर्षण 35 हॉर्स पावर का ट्रैक्टर है. इसके अलावा छोटे ट्रैक्टर, पंपिंग सेट, पावर स्प्रेयर और अन्य कृषि उपयोगी उपकरण भी उपहारों में शामिल किए गए हैं. यानी किसान को सिर्फ उपभोक्ता सामान ही नहीं, बल्कि खेती में सीधे काम आने वाली मशीनरी जीतने का मौका मिलता है.
कैसे मिलता है लकी ड्रॉ में मौका?
यह योजना उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद से जुड़ी है. योजना का उद्देश्य किसानों को मंडी व्यवस्था के माध्यम से कृषि उपज बेचने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें इनामी कूपन के जरिए कृषि उपयोगी उपहार उपलब्ध कराना है. इसलिए किसान के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वह अपनी कृषि उपज की बिक्री से जुड़े मंडी दस्तावेज, प्रवेश पर्ची और संबंधित कागजात सुरक्षित रखें. विजेता का चयन निर्धारित ड्रॉ प्रक्रिया के आधार पर होता है.
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ट्रैक्टर सबसे बड़ा आकर्षण
योजना के नए उपहार में 35 एचपी का ट्रैक्टर छमाही ड्रॉ का प्रथम उपहार है. खेती में जुताई, ढुलाई और दूसरे कृषि कार्यों के लिए ट्रैक्टर किसानों के लिए सबसे उपयोगी मशीनों में से एक है. इसके अलावा 20 हॉर्स पावर से कम क्षमता वाले छोटे ट्रैक्टर को भी नई उपहार लिस्ट में शामिल किया गया है. इसका मतलब है कि योजना सिर्फ बड़े ट्रैक्टर तक सीमित नहीं है. बल्कि अलग-अलग श्रेणियों में किसानों को खेती के आकार और जरूरत के हिसाब से उपयोगी उपकरण जीतने का अवसर दिया जा रहा है. योजना में 8 एचपी का पंपिंग सेट भी शामिल है. इसकी अनुमानित कीमत करीब 55 हजार रुपये बताई गई है और प्रत्येक संभाग में दो ऐसे उपहार दिए जाने का प्रावधान है. इसके अलावा पावर स्प्रेयर भी उपहार सूची में बना हुआ है.
टीवी की जगह अब चारा काटने की मशीन
हालिया बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण बदलाव चारा काटने वाली मशीन को लेकर है. त्रैमासिक ड्रॉ में 43 इंच के एलईडी टीवी की जगह 3 एचपी की चारा काटने वाली मशीन देने का बदलाव किया गया है. इसकी अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है और प्रत्येक संभाग में तीन ऐसे उपहार दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है. यह बदलाव खास तौर पर पशुपालन करने वाले किसानों के लिए महत्वपूर्ण है. चारा काटने की मशीन से पशुओं के लिए चारा तैयार करने में समय और मेहनत की बचत होती है.
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