देश में पशुपालन करने वाले किसानों के लिए चारा उत्पादन एक अहम जरूरत है. हरे और पौष्टिक चारे की उपलब्धता सीधे पशुओं के स्वास्थ्य, दूध उत्पादन और पशुपालन की लागत से जुड़ती है. इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission) के तहत चारा एवं चारा विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है. केंद्र सरकार के अनुसार इस व्यवस्था में अलग-अलग राज्यों में स्थानीय योजनाओं के तहत किसानों और पशुपालकों को चारा बीज या मिनी-किट फ्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाती है.
हालांकि बीज वितरण की मात्रा, फसल, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया राज्य तथा जिले की योजना पर निर्भर करती है. कुछ सरकारी पशुपालन विभागों द्वारा जई, मक्का, लोबिया, बरसीम और अन्य मौसमी चारा फसलों के बीज मिनी-किट पशुपालकों को फ्री देने का प्रावधान है. इसलिए किसान को अपने जिले के पशुपालन विभाग, कृषि विभाग, नजदीकी पशु चिकित्सालय या संबंधित कृषि विज्ञान केंद्र से इस योजना की जानकारी लेना चाहिए.
केंद्र सरकार की योजना से लाभ
केंद्र सरकार चारा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए Animal Feed and Fodder Development से जुड़े प्रावधानों को लागू कर रही है. सरकारी जानकारी के मुताबिक गुणवत्तापूर्ण चारा बीज उत्पादन के लिए केंद्र और राज्य सरकार के संस्थानों को प्रोत्साहन दिया जाता है. इसके अलावा चारा उत्पादन, बीज प्रसंस्करण और भंडारण से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. वहीं Seed Village Programme के तहत चारा और हरी खाद फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए प्रति किसान एक एकड़ तक सहायता का प्रावधान बताया गया है.
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कहां से ले फ्री बीज?
सबसे पहले किसान को नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय में संपर्क करना चाहिए. वहां यह जानकारी मिल सकती है कि जिले में चारा बीज वितरण की योजना चल रही है या नहीं और कौन-कौन से बीज उपलब्ध हैं. इसके अलावा किसान कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), जिला पशुपालन कार्यालय और किसान सेवा केंद्र से भी जानकारी ले सकते हैं. इसके आवेदन के लिए सामान्य तौर पर आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी मांगी जा सकती है.
सही चारा फसल का करें चनाव
क्षेत्र और मौसम के अनुसार जई, बरसीम, लोबिया, मक्का तथा अन्य चारा फसलों का चुनाव करना बेहतर होता है. कुछ सरकारी कार्यक्रमों में इन फसलों के बीज मिनी-किट के रूप में दिए जाते हैं. किसान को बीज लेने से पहले यह भी देखना चाहिए कि उसके खेत की मिट्टी, मौसम और पशुओं की जरूरत के अनुसार कौन-सी चारा फसल बेहतर रहेगी. केवल मुफ्त बीज मिलने के आधार पर फसल का चुनाव करना उचित नहीं है.
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