Millets MSP Procurement: खेत में मक्का, बाजरा या ज्वार की फसल तैयार है, लेकिन सही भाव मिलने की चिंता सता रही है? तो उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है. अब अपनी उपज बेचने के लिए बाजार में भाव गिरने का इंतजार करने की जरूरत नहीं, सरकार तय एमएसपी पर मोटे अनाज खरीदेगी. खास बात यह है कि फसल बेचने के 48 घंटे के भीतर पैसा खाते में भेजने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे में किसानों के लिए यह जानना जरूरी है कि किस फसल का कितना भाव मिलेगा और उनके जिले में सरकारी खरीद कहां होगी.
सरकार ने तीनों फसलों की खरीद के लिए प्रदेश में कुल 455 केंद्र तय किए हैं. इनमें बाजरा के 300, ज्वार के 80 और मक्का के 75 केंद्र शामिल हैं. इस सीजन में सरकार ने कुल 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटा अनाज खरीदने का लक्ष्य रखा है. इसमें बाजरा की 2.20 लाख मीट्रिक टन, ज्वार की 50 हजार मीट्रिक टन और मक्का की 15 हजार मीट्रिक टन खरीद की जाएगी. यानी सबसे ज्यादा खरीद बाजरा की होगी.
मक्का, बाजरा और ज्वार का कितना मिलेगा भाव?
प्रदेश सरकार ने तीनों फसलों के लिए अलग-अलग MSP तय किया है. किसान अपनी फसल बेचने से पहले इन भावों को जरूर जान लें.
- बाजरा: 2,900 रुपये प्रति क्विंटल
- मक्का: 2,410 रुपये प्रति क्विंटल
- ज्वार (हाइब्रिड): 4,023 रुपये प्रति क्विंटल
- ज्वार (मालदांडी): 4,073 रुपये प्रति क्विंटल
ये भाव खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए तय किए गए हैं. सरकारी खरीद 31 दिसंबर 2026 तक चलेगी हालांकि, सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए किसानों को तय नियमों के मुताबिक अपनी उपज बेचनी होगी.
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किन जिलों में बेच सकेंगे फसल?
मक्का की खरीद बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, आगरा, अलीगढ़, कानपुर नगर, बहराइच, गोंडा और बलिया समेत 25 जिलों में होगी. बाजरा की खरीद के लिए 33 जिले तय किए गए हैं. इनमें बुलंदशहर, रामपुर, संभल, बरेली, मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, जौनपुर, प्रयागराज और फतेहपुर शामिल हैं.
वहीं, ज्वार की खरीद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर, जालौन और झांसी समेत निर्धारित जिलों में होगी. किसान अपने जिले में खरीद केंद्र की जानकारी संबंधित खाद्य एवं रसद विभाग के कार्यालय से ले सकते हैं.
48 घंटे में खाते में आएगा पैसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि, किसानों की उपज खरीदे जाने के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए. पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाएगा. खरीद केंद्रों पर किसानों की पहचान बायोमीट्रिक तरीके से की जाएगी, ताकि खरीद में पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका कम हो. अगर किसान को खरीद से जुड़ी कोई परेशानी आती है, तो वह टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकता है.
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