Subsidy On Tractor: खेती में ट्रैक्टर और दूसरे कृषि यंत्रों का इस्तेमाल बढ़ने से किसानों का समय और मेहनत दोनों बचते हैं. लेकिन इन मशीनों को खरीदने के लिए काफी पैसा खर्च करना पड़ता है. ऐसे में छोटे और मध्यम किसानों के लिए इन्हें खरीदना आसान नहीं होता. किसानों की इसी परेशानी को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश में कृषि यंत्रों पर सब्सिडी पाने का मौका दिया जा रहा है.
अक्टूबर 2026 में शुरू हुई ऑनलाइन बुकिंग के तहत किसान ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर और सीड ड्रिल जैसे यंत्रों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए किसानों को 20 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है.
ट्रैक्टर और दूसरे यंत्रों पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
योजना के तहत पात्र किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है. इसमें ट्रैक्टर, पावर टिलर और कई छोटे कृषि उपकरण शामिल हैं. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ट्रैक्टर की कीमत 10 लाख रुपये है और किसान को 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है, तो उसे अपनी जेब से 5 लाख रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं. कुछ मामलों में अधिकतम अनुदान 2 से 3 लाख रुपये तक हो सकता है. इसलिए आवेदन से पहले अपने पसंद के कृषि यंत्र पर मिलने वाली सहायता की जानकारी जरूर जांच लें.
फार्म मशीनरी बैंक और ड्रोन पर भी मदद
इस योजना में सिर्फ किसानों को ही नहीं, बल्कि खेती के लिए मशीनें किराये पर देने वाले केंद्रों को भी मदद मिल सकती है. इसमें कस्टम हायरिंग सेंटर यानी किसानों को किराये पर कृषि यंत्र देने वाले केंद्र, फार्म मशीनरी बैंक, किसान ड्रोन और फसल के बचे हुए हिस्सों को खेत से हटाने या संभालने वाली मशीनें शामिल हैं. इसके अलावा, फसलों को कीटों से बचाने वाले यंत्रों और कुछ दूसरे कृषि उपकरणों पर भी सब्सिडी मिल सकती है. हालांकि, कितनी सब्सिडी मिलेगी, यह मशीन और योजना की श्रेणी पर निर्भर करता है. कुछ मामलों में मशीन की कीमत का 40 से 80 प्रतिशत तक पैसा सरकार दे सकती है.
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20 अक्टूबर तक ऐसे करें ऑनलाइन बुकिंग
किसान उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. वेबसाइट पर किसान कॉर्नर में ‘यंत्र बुकिंग प्रारम्भ’ विकल्प चुनना होगा. ऑनलाइन बुकिंग की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे है.
आवेदकों का चयन विभाग के तय नियमों के अनुसार होगा. इसमें पहले आओ, पहले पाओ या लॉटरी जैसी प्रक्रिया लागू हो सकती है. इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित यंत्र की पात्रता और चयन के नियम पढ़ लें.
आवेदन से पहले तैयार रखें ये दस्तावेज
बुकिंग के लिए आधार कार्ड, जमीन की खतौनी, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी तैयार रखें. कुछ मामलों में आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की भी जरूरत पड़ सकती है. 10 हजार रुपये से ज्यादा अनुदान वाले यंत्रों और ट्रैक्टर के लिए टोकन मनी या धरोहर राशि जमा करनी पड़ सकती है. आवेदन करते समय इसकी रकम और भुगतान के नियम जरूर जांचें. किसी तरह की उलझन होने पर किसान अपने जिले के उप कृषि निदेशक कार्यालय से जानकारी ले सकते हैं.
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