Flower Farming: धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों की खेती में किसानों की लागत और मेहनत लगातार बढ़ रही है. कई बार अच्छी पैदावार होने के बाद भी बाजार भाव उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल पाता. ऐसे में किसान अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए पारंपरिक फसलों के साथ फूलों की खेती शुरू कर सकते हैं. झारखंड सरकार भी किसानों को फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
उद्यान विभाग की ओर से राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. योजना के तहत पात्र किसानों को 100 फीसदी तक अनुदान देने दिया जा रहा है. इसका लाभ लेने के लिए किसान के पास अपनी कृषि भूमि होना जरूरी है. जमीन के मालिक किसान फूलों की खेती के लिए योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं. हालांकि, अनुदान और पात्रता की मौजूदा शर्तों की जानकारी आवेदन से पहले संबंधित विभाग से जरूर लेनी चाहिए.
गेंदा समेत इन फूलों की कर सकते हैं खेती
फूलों की मांग पूरे साल बनी रहती है. किसान गुलाब, रजनीगंधा, जरबेरा और दूसरी फूलों की फसलों की खेती भी कर सकते हैं. खासकर गेंदा फूल की खपत पूजा-पाठ, धार्मिक कार्यक्रमों और सजावट में ज्यादा होती है. इसलिए किसान अपने इलाके में किस फूल की ज्यादा मांग है, यह पता करके फसल का चुनाव कर सकते हैं.
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?
योजना का लाभ लेने के लिए किसान को आवेदन के साथ कुछ जरूरी जानकारी और दस्तावेज देने होते हैं. इसमें आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, जमीन का रकबा, खाता और खसरा संबंधी जानकारी शामिल है. आवेदन पर संबंधित जनप्रतिनिधि, प्रखंड कृषि पदाधिकारी या बीटीएम के हस्ताक्षर भी कराए जा सकते हैं. इसके बाद आवेदन उद्यान विभाग में जमा किया जाता है. विभाग की ओर से आवेदन और जमीन से जुड़ी जानकारी की जांच की जाती है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसान को योजना के तहत फूलों की खेती का लाभ दिया जाता है.
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कम जमीन में भी बन सकता है कमाई का जरिया
फूलों की खेती का एक फायदा यह है कि किसान इसे अपनी पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त विकल्प के तौर पर भी अपना सकते हैं. पात्र किसान को योजना के तहत सरकारी मदद मिलने से शुरुआती खर्च का बोझ कम हो सकता है. अगर किसान अपने इलाके की मांग और बाजार को ध्यान में रखकर फूलों का चुनाव करें, तो खेती से अतिरिक्त आमदनी का रास्ता बन सकता है. युवाओं के लिए भी फूलों की खेती रोजगार और छोटे कृषि कारोबार का अच्छा ऑप्शन बन सकती है.
खेती शुरू करने से पहले बाजार की जानकारी जरूरी
फूलों की खेती शुरू करने से पहले किसान अपने इलाके में फूलों की मांग, बाजार, पानी की उपलब्धता और सही किस्म की जानकारी जरूर लें. साथ ही अनुदान की मौजूदा सीमा, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जिला उद्यान विभाग या संबंधित कृषि कार्यालय से जानकारी लेना बेहतर रहेगा.
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