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डेयरी शुरू करने की प्लानिंग? चुनें गाय की ये नस्लें, 35 लीटर तक देती हैं दूध

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ABP News
October 2, 2026•3 min read
डेयरी शुरू करने की प्लानिंग? चुनें गाय की ये नस्लें, 35 लीटर तक देती हैं दूध

Dairy Business: अगर आप डेयरी का कारोबार शुरू करना चाहते है या अपने पशुओं की संख्या बढ़ाने की सोच रहे हैं, तो इसके लिए गाय की नस्ल का चुनाव सबसे जरूरी होता है. हर नस्ल की दूध देने की क्षमता, मौसम सहने की ताकत और देखभाल की जरूरत अलग होती है. कुछ विदेशी नस्लें ज्यादा दूध देने के लिए जानी जाती हैं, वहीं गिर और साहीवाल जैसी देसी नस्लें गर्म मौसम में अच्छी तरह रह सकती हैं. हालांकि, दूध की मात्रा सिर्फ नस्ल से तय नहीं होती, पशु के खान-पान और देखभाल का भी बड़ा असर पड़ता है.

होल्स्टीन फ्रिजियन को ज्यादा दूध देने वाली नस्लों में गिना जाता है. अच्छी नस्ल, पौष्टिक चारा और सही देखभाल मिलने पर यह गाय करीब 20 से 35 लीटर या इससे ज्यादा दूध रोज दे सकती है. लेकिन गर्म मौसम में इसके पालन के लिए खास देखभाल की जरूरत पड़ सकती है. सिमेंटल भी डेयरी के लिए अच्छी मानी जाती है. सही आहार और देखभाल के साथ इससे करीब 20 से 28 लीटर दूध रोज मिलने की क्षमता बताई जाती है. यह नस्ल दूध के साथ मांस उत्पादन के लिए भी इस्तेमाल होती है.

जर्सी और ब्राउन स्विस भी डेयरी के लिए लोकप्रिय

जर्सी गाय की दूध देने की क्षमता सामान्य तौर पर 15 से 22 लीटर प्रतिदिन बताई जाती है. इसके दूध में फैट की मात्रा भी अच्छी मानी जाती है. वहीं ब्राउन स्विस से करीब 15 से 22 लीटर दूध रोज मिल सकता है. यह अपने मजबूत शरीर के लिए भी जानी जाती है. आयरशायर गाय भी अच्छी दूध उत्पादक नस्लों में शामिल है. इससे करीब 20 से 28 लीटर तक दूध मिलने की क्षमता बताई जाती है. हालांकि, वास्तविक उत्पादन पशु के स्वास्थ्य और आहार पर निर्भर करता है.

गिर और साहीवाल जैसी देसी नस्लें भी उपयोगी

गिर भारत की प्रमुख देसी गाय नस्लों में से एक है. यह गुजरात के गिर क्षेत्र से जुड़ी है और गर्म मौसम में आसानी से पाली जा सकती है. सामान्य तौर पर इससे करीब 8 से 14 लीटर दूध रोज मिल सकता है. साहीवाल भी किसानों के बीच जानी-पहचानी देसी नस्ल है. गर्म मौसम के अनुकूल होने के कारण भारतीय परिस्थितियों में इसका पालन आसान हो सकता है. इससे सामान्य तौर पर करीब 10 से 16 लीटर दूध रोज मिलने की क्षमता बताई जाती है.

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इन नस्लों को भी जानें

गिरोलैंडो गिर और होल्स्टीन नस्लों के संकरण से विकसित नस्ल है. गर्म इलाकों में डेयरी के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है और इससे करीब 18 से 30 लीटर दूध रोज मिलने की क्षमता बताई जाती है. इसके अलावा मोंटबेलियार्ड से करीब 18 से 25 लीटर, नोरमैंड से 18 से 25 लीटर, शॉर्टहॉर्न से 17 से 24 लीटर और गुर्नसे से करीब 16 से 22 लीटर दूध रोज मिलने की क्षमता बताई जाती है.

सिर्फ ज्यादा दूध देखकर गाय न खरीदें

डेयरी के लिए गाय खरीदते समय केवल नस्ल या बताए गए दूध के आंकड़े पर भरोसा करना ठीक नहीं है. पशु की उम्र, स्वास्थ्य, नस्ल की शुद्धता, गर्भधारण की स्थिति, चारे की क्वालिटी, पानी और रहने की जगह का भी दूध उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. इसलिए गाय खरीदने से पहले उसका पिछला दूध रिकॉर्ड और स्वास्थ्य जरूर देखें. साथ ही अपने इलाके के मौसम, उपलब्ध चारे और पशु की देखभाल पर आने वाले खर्च को ध्यान में रखकर ही नस्ल चुनें. इससे डेयरी में दूध उत्पादन और कमाई के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है.

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