महाराष्ट्र के किसानों के लिए दिवाली के इस त्योहार पर एक बहुत ही बड़ी खबर सामने आ रही है. महाराष्ट्र सरकार किसानों को त्योहार का एक शानदार तोहफा देते हुए सीधे उनके बैंक खातों में 5 हजार रुपये भेजने का बड़ा फैसला किया है. राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद इस योजना का आधिकारिक ऐलान किया.
इस सरकारी फैसला के तहत गंभीर सूखे की मार झेल रहे राज्य के लाखों जरूरतमंद किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपनी खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार के साथ खुशी-खुशी दिवाली मना सकें. आइए जानते हैं कि सरकार की इस योजना का पूरा गणित क्या है और किसान भाई इसके लिए कैसे और कहां अप्लाई कर सकते हैं.
महाराष्ट्र के 305 सूखाग्रस्त तालुकों के किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. सरकार ने समीक्षा बैठक के बाद राज्य के कुल 34 जिलों के अंतर्गत आने वाले सूखाग्रस्त तालुकों की संख्या को बढ़ाकर अब 305 कर दिया है. इन सभी 305 तालुकों में रहने वाले किसानों को दिवाली से ठीक पहले अंतरिम राहत के रूप में सीधे पांच हजार रुपये उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे.
सरकार का मानना है कि नियम और प्रक्रियाओं के चलते केंद्र सरकार से मुख्य सूखा राहत पैकेज मिलने में दिसंबर तक का समय लग सकता है, इसलिए राज्य सरकार ने अपनी तरफ से किसानों की दिवाली को फीकी होने से बचाने के लिए यह अग्रिम राशि देने का निर्णय लिया है.
डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में पहुंचेगा पैसा
सरकार की इस खास योजना का लाभ उठाने के लिए नियमों को बहुत ही सरल रखा गया है ताकि किसी भी गरीब या आम किसान को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. सरकार इस सहायता राशि को सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर DBT के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर करेगी. इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार की इस व्यवस्था में बीच में कोई बिचौलिया या दलाल नहीं होगा और पूरा का पूरा पैसा सीधे लाभार्थी किसान के खाते में पहुंचेगा.
योजना का लाभ लेने के लिए कैसे करें अप्लाई?
इस दिवाली गिफ्ट योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन और अप्लाई करने की प्रक्रिया को बेहद सरल और डिजिटल रखा गया है ताकि किसी भी किसान को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें.
नमो शेतकरी और पीएम किसान पोर्टल- जो किसान पहले से ही केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना या महाराष्ट्र सरकार की नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं, उन्हें इसके लिए अलग से कोई नया आवेदन करने की जरूरत नहीं है. सरकार पुराने डेटाबेस के आधार पर ही सीधे उनके खातों में यह पैसा भेज देगी.
MahaDBT पोर्टल- जिन पात्र किसानों का नाम इस सूची में शामिल नहीं है, वे महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक महाडीबीटी पोर्टल पर जाकर अपना नया पंजीकरण करा सकते हैं. वहां किसान योजना के विकल्प पर जाकर आधार नंबर दर्ज करना होगा.
जन सेवा केंद्र से आवेदन- जो किसान भाई ऑनलाइन फॉर्म भरने में असमर्थ हैं, वे अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र या आपले सरकार सेवा केंद्र पर जाकर अपने जरूरी दस्तावेज जमा करके ऑपरेटर के जरिए इस योजना के लिए तुरंत अप्लाई करवा सकते हैं.
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आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज हैं जरूरी?
आवेदन करते समय आपके पास अपना आधार कार्ड, भूमि से जुड़े दस्तावेज और एक्टिव बैंक खाता पासबुक होनी चाहिए. इसके साथ ही सबसे जरूरी शर्त यह है कि आपका बैंक खाता आपके आधार कार्ड से पूरी तरह लिंक होना चाहिए, क्योंकि बिना आधार लिंक वाले खातों में डीबीटी का पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाएगा. इसलिए जिन किसानों ने अभी तक अपनी भूमि का सत्यापन यानी लैंड वेरिफिकेशन और e-KYC का काम पूरा नहीं कराया है, वे इसे तुरंत पूरा करवा लें.
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