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Crop Compensation: किसानों को अब मिलेगा 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा, सरकार का बड़ा ऐलान

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ABP News
November 7, 2026•3 min read
Crop Compensation: किसानों को अब मिलेगा 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा, सरकार का बड़ा ऐलान

UP Crop Compensation: किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आपदा राहत बढ़ाने का फैसला लिया है. इससे प्रदेश के 10 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा मिल सकता है. यानी की अगर अब आपकी फसल, पशु या मकान को बाढ़, सूखा, बारिश, भूस्खलन या दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होता है तो आपको सरकार की तरफ से ज्यादा मुआवजा मिलेगा.

किसानों के लिए इसमें सबसे खास बात ये हैं कि, बढ़ी हुई दरें 1 अप्रैल से 4 नवंबर तक हुए नुकसान पर भी लागू होंगी. यानी इस दौरान जिन किसानों को प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है, वे भी बढ़ी हुई राहत के दायरे में आएंगे.

प्राकृतिक आपदा में मौत होने पर 8 लाख रुपये

प्राकृतिक आपदा के कारण किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिवार को अब 4 लाख के बजाय 8 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी. यानी योगी सरकार ने इस सहायता राशि को दोगुना कर दिया है.

फसल खराब होने पर कितना मिलेगा मुआवजा?

  • सिंचित जमीन पर फसल खराब होने पर 17 हजार की जगह 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे.
  • असिंचित जमीन पर मुआवजा 8,500 से बढ़ाकर 11 हजार रुपये होगा.
  • कृषि वानिकी में नुकसान पर 22,500 की जगह 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे.

इसके अलावा खेत में बाढ़ या दूसरी वजह से गाद जम जाने पर उसे हटाने के लिए भी मदद बढ़ाई गई है. अब किसानों को 18 हजार के बजाय 23 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे.

पशुओं की मौत पर भी बढ़ी सहायता राशि

खेती के साथ पशुपालन करने वाले लोगों को भी इस फैसले से राहत मिलेगी. किसी प्राकृतिक आपदा में बड़े पशु जैसे गाय-भैंस की मौत होने पर अब 40 हजार के बजाय 50 हजार रुपये मिलेंगे. बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं की मौत पर सहायता 4 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है. वहीं, घोड़े और खच्चर जैसे भारवाही पशुओं के लिए 20 हजार के बजाय 25,400 रुपये मिलेंगे. मुर्गीपालकों को भी प्रति पक्षी 100 के बजाय 130 रुपये की मदद दी जाएगी.

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मकान टूटने पर भी मिलेगी ज्यादा मदद

आपदा में मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर मैदानी इलाकों में 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी इलाकों में 2.06 लाख रुपये दिए जाएंगे. मैदानी क्षेत्र में मकान को आंशिक नुकसान पहुंचने पर 93 हजार रुपये की सहायता मिलेगी. इसके अलावा भूस्खलन या हिमस्खलन से जमीन खराब होने पर मुआवजा 47 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है.

रेशम किसानों और राहत शिविरों के लिए भी बदलाव

रेशम की खेती करने वालों के लिए भी सहायता बढ़ाई गई है. एरी, मल्बरी और टसर रेशम के लिए अब 6 हजार की जगह 7,800 रुपये प्रति हेक्टेयर और मूगा रेशम के लिए 7,500 की जगह अब 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे.

सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में अधिकतम 30 दिन तक मदद देने का प्रावधान किया है. सूखे की स्थिति में पेयजल सहायता 90 दिनों तक मिल सकेगी. स्कूल, अस्पताल और सड़कों की मरम्मत के लिए भी सहायता की नई दरें तय की गई हैं. ये सभी बदलाव SDRF और NDRF के संशोधित नियमों के तहत किए गए हैं.

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