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Dairy Farming Schemes: गांव में करना है डेयरी बिजनेस, जानें सरकर से कैसे मिलेगी मदद

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ABP News
November 7, 2026•3 min read
Dairy Farming Schemes: गांव में करना है डेयरी बिजनेस, जानें सरकर से कैसे मिलेगी मदद

गांव में डेयरी बिजनेस शुरू करना कमाई का अच्छा जरिया बन सकता है. इसके लिए गाय-भैंस खरीदने, उनके रहने की जगह बनाने, चारे और दवाइयों पर खर्च करना पड़ता है. कई बार पैसों की कमी के कारण लोग अपना काम शुरू नहीं कर पाते. ऐसे लोगों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कुछ योजनाएं मददगार हो सकती हैं.

पशु किसान क्रेडिट कार्ड से मिल सकती है आर्थिक मदद

डेयरी का काम शुरू करने या पहले से पशुपालन कर रहे किसानों के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड उपयोगी है. इसके जरिए गाय-भैंस के चारे, दवा, देखभाल और दूसरे जरूरी खर्चों के लिए बैंक से लोन लिया जा सकता है. इसके लिए किसान को बैंक में आवेदन करना होता है. पात्रता और लोन की सीमा बैंक के नियमों के अनुसार तय होती है. समय पर भुगतान करने पर ब्याज में छूट का लाभ भी मिलता है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पात्र छोटे कारोबारियों को डेयरी जैसे आय देने वाले छोटे व्यवसाय के लिए बैंक से लोन मिल सकता है.

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नाबार्ड और दूसरी सरकारी योजनाओं से क्या फायदा मिलेगा?

डेयरी बिजनेस के लिए नाबार्ड से जुड़ी बैंकिंग सुविधाओं के जरिए लोन मिलता है. वहीं, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देसी गाय और भैंस की नस्लों को बेहतर बनाने, कृत्रिम गर्भाधान और अच्छी नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने से जुड़ी सुविधाएं मिलती हैं. राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम के तहत दूध की खरीद, कलेक्शन सेंटर, चिलिंग और प्रोसेसिंग जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाता है. इसका लाभ मुख्य रूप से डेयरी सहकारी समितियों, दूध उत्पादक संगठनों और संबंधित संस्थाओं के जरिए मिलता है. बड़ी डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट लगाने वालों के लिए पशुपालन इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास निधि जैसी योजनाओं की पात्रता और मौजूदा स्थिति भी विभाग से जांचनी चाहिए.

सरकारी मदद पाने के लिए कहां करें आवेदन?

डेयरी बिजनेस शुरू करने से पहले एक छोटी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें. इसमें यह जानकारी दें कि आप कितने पशु खरीदना चाहते हैं, उनके चारे और देखभाल पर कितना खर्च होगा और रोजाना कितना दूध बेच पाएंगे. इसके बाद अपनी रिपोर्ट लेकर नजदीकी बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में डेयरी लोन के बारे में जानकारी लें. पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के लिए जिले के पशुपालन विभाग या पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें. आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, जमीन या पशु रखने की जगह से जुड़े दस्तावेज और प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांगी जाती है. पशु खरीदने से पहले बीमा, टीकाकरण और दूध बेचने की व्यवस्था की जानकारी भी जरूर लें. राज्य सरकारों की योजनाओं में सब्सिडी और पात्रता अलग-अलग हो सकती है, इसलिए आवेदन से पहले अपने जिले में चल रही योजनाओं की पुष्टि जरूर करें.

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