Paddy Crop Compensation: धान की फसल तैयार होने के बाज अगर तेज बारिश हो जाए, तो किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाता है. खेत में पानी भरने, फसल गिरने या धान की बालियों को नुकसान पहुंचने से पैदावार घटने का डर रहता है. ऐसे में किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि, फसल खराब होने पर सरकार से मदद कैसे मिलेगी और इसके लिए कहां शिकायत करनी होगी?
अगर आपके खेत में भी बारिश से धान की फसल को नुकसान हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. बस आपको समय रहते इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देनी होगी. साथ ही, अगर आपने फसल बीमा कराया है, तो उसे कैसे क्लेम करना होता है ये भी समझ लें.
सबसे पहले खेत में हुए नुकसान की जानकारी दें
बारिश से धान की फसल खराब होने पर किसान सबसे पहले अपने इलाके के लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारी या तहसील कार्यालय में इसकी जानकारी दे सकते हैं. शिकायत करते समय बताएं कि कितने खेत में फसल खराब हुई है और नुकसान किस वजह से हुआ है. खेत में पानी भरने, गिरी हुई फसल और खराब बालियों की साफ फोटो या वीडियो भी अपने पास रखें. ये सबूत नुकसान की जानकारी देने और जांच के समय काम आ सकते हैं.
सरकारी मुआवजे के लिए कैसे होगा सर्वे?
प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होने पर राहत देने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य सरकार की होती है. इसके लिए राज्य सरकार आपदा राहत कोष से तय नियमों के मुताबिक मदद देती है. नुकसान की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी खेतों का सर्वे कर सकते हैं. इस दौरान फसल का नुकसान, प्रभावित रकबा और दूसरी जरूरी जानकारी देखी जाती है. सर्वे के बाद तय नियमों और सरकारी मंजूरी के आधार पर पात्र किसानों को राहत दी जाती है. हालांकि, कितनी मदद मिलेगी और कब मिलेगी, यह राज्य के नियमों और नुकसान के आकलन पर निर्भर करता है.
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फसल बीमा कराया है तो 72 घंटे का नियम याद रखें
अगर किसान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत धान का बीमा कराया है, तो नुकसान की सूचना देने में देर न करें. बीमा योजना के नियमों के मुताबिक, कुछ खास तरह के नुकसान की जानकारी घटना के 72 घंटे के अंदर देनी होती है. इसके लिए किसान क्रॉप इंश्योरेंस ऐप या 14447 हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं. बैंक शाखा, बीमा कंपनी या कृषि विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी जा सकती है. शिकायत में खेत का सर्वे नंबर, फसल और प्रभावित रकबे की जानकारी देना जरूरी है.
ये दस्तावेज अपने पास रखें
- आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी
- जमीन और खेत से जुड़े कागजात
- धान की बुवाई और बीमा से जुड़ी जानकारी
- खराब फसल की फोटो और वीडियो
- शिकायत या बीमा क्लेम की रसीद
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