अंडे की कीमतों ने पिछले कुछ महीनों में आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है. जो अंडा कुछ समय पहले तक 4-5 रुपये में मिल जाता था, अब वही अंडा खुदरा बाजार में 8 से 10 रुपये तक बिकने लगा है. सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी यानी NECC के अनुसार देश में अंडे का थोक भाव करीब 4.90 से 6 रुपये प्रति अंडा तक पहुंच चुका है, जबकि खुदरा बाजार में ग्राहकों को इससे भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. पिछले एक साल के दौरान अंडों की कीमतों में करीब 35 से 40 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं अंडे के दाम?
अंडों की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह पोल्ट्री फीड यानी मुर्गियों के दाने की बढ़ती लागत है. अंडा उत्पादन की कुल लागत में 70 फीसदी से भी ज्यादा हिस्सा सिर्फ फीड पर खर्च होता है. मुर्गियों के दाने में मक्के का सबसे बड़ा योगदान होता है, लेकिन अब मक्के का एक बड़ा हिस्सा इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होने लगा है. इस वजह से पोल्ट्री किसानों को दाने के लिए बची हुई मक्का ज्यादा कीमत पर खरीदनी पड़ रही है. आंकड़ों के मुताबिक मक्के की कीमत अप्रैल के करीब 21,000 रुपये प्रति टन से बढ़कर अब 26,500 से 27,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच चुकी है.
डी-ऑयल्ड राइस ब्रान भी बना वजह
मक्के के अलावा डी-ऑयल्ड राइस ब्रान की कीमत में भी भारी उछाल देखने को मिला है. यह भी मु्र्गियों के दाने का एक अहम हिस्सा है और इसकी कीमत करीब 12,000 रुपये से बढ़कर 22,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है. जुलाई 2026 में पोल्ट्री फीड की कुल लागत पिछले साल के मुकाबले करीब 15 फिसदी ज्यादा रही, जिसका सीधा असर अंडे की उत्पादन लागत और आखिरकार उसकी कीमत पर पड़ा है. इसी वजह से महंगाई का असर सिर्फ अंडे तक सीमित न रहकर केक, पेस्ट्री और अन्य खाद्य पदार्थों तक भी पहुंच सकता है.
अगर आप भी शुरू करता चाहते हैं Egg फार्मिंग
अंडों की बढ़ती मांग और कीमत को देखते हुए कई लोग अब पोल्ट्री यानी अंडा उत्पादन का बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं. सही तरीके से शुरूआत की जाए, तो यह एक फायदेमंद बिजनेस साबित हो सकता है.
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सबसे पहले सही नस्ल का चुनाव करें
अंडा उत्पादन के लिए सबसे पहले सही नस्ल की मुर्गियों का चुनाव करना जरूरी है. लेयर मुर्गियों की नस्लें जैसे व्हाइट लेगहॉर्न और BV-380 अंडा उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं. ये नस्लें कम समय में ज्यादा अंडे देने की क्षमता रखती हैं.
शेड और जगह की व्यवस्था
मुर्गियों के लिए साफ-सुथरा, हवादार और सही तापमान वाला शेड बनाना बेहद जरूरी है. शेड में पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन का इंतजाम होना चाहिए, ताकि मुर्गियां बीमार न पड़ें। एक मुर्गी के लिए कम से कम इतनी जगह जरूर रखें कि वह आसानी से घूम-फिर सके.
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